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यहां का प्रसाद पाकर निःसंतान दम्पतियों को मिलती है संतान

संतान सुख दुनिया का सर्वोच्च सुख माना जाता है। प्रत्येक महिला की इच्छा होती है की वह इस सुख को प्राप्त करे। कई बार महिलाओं को विवाह के काफी समय बाद भी संतान सुख नहीं मिल पाता। इस प्रकार की महिलाएं संतान सुख के लिए कभी धार्मिक स्थानों तो कभी डाक्टरों के चक्कर लगाती हैं। कई बार इस प्रकार की महिलायें गलत लोगों के चक्कर में भी फंस जाती हैं और बाद में पछताती हैं। इस प्रकार के सभी लोगों के लिए जो संतान सुख से वंचित हैं। हम एक ऐसे दिव्य मंदिर के बारे में जानकारी दे रहें हैं। जो संतान प्राप्ति के लिए बहुत प्रसिद्ध है। 

प्रतीकात्मक

 

निःसंतान लोगों को मिलता है विशेष प्रसाद -

इस मंदिर का नाम "इंदुम्बन मंदिर" है। यह मंदिर तमिलनाडु के विल्लुपुरम शहर में स्थित है। यह मंदिर निःसंतान लोगों को संतान देने के लिए बहुत प्रसिद्ध है। इस मंदिर में संतान सुख चाहने वाले लोगों को विशेष प्रसाद दिया जाता है। यह देवी दुर्गा का मंदिर और संतान पाने वाले दंपत्ति को यहां पर पूजन कर विशेष प्रसाद को ग्रहण करना होता है। स्थानीय लोगों की मानें तो यहां आकर पूजन करने तथा प्रसाद ग्रहण करने से संतान सुख अवश्य मिलता है। इस मंदिर में संतान सुख को चाहने वाली महिला को एक फल अपने साथ ले जाना होता है। यह फल चढाने के बाद उसको मंदिर के पंडित दुसरा फल प्रसाद के रूप में देते हैं। इस फल का सेवन करने से महिला को संतान सुख अवश्य मिलता है। यह भी मान्यता है की इस मंदिर में मन्नत मांगने वाले लोगों के बिछड़े पारिवारिक लोग फिर से मिल जाते हैं। यदि किसी व्यक्ति का कोई पारिवारिक सदस्य कहीं गुम हो गया है तो वह इस मंदिर में मन्नत मांगने पर जल्दी ही मिल जाता है। 

प्रतीकात्मक

 

8 वर्ष बाद मिला संतान सुख - 

नागपुर की निवासी कौशल्या देवी के विवाह को 8 वर्ष हो चुके थे। लेकिन उनको अभी तक संतान सुख नहीं मिल पाया था। उनके संतान सुख के लिए कई डाक्टरों को दिखाया तथा कई स्थानों के चक्कर भी लगाए लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। इसके बाद कौशल्या जी को किसी ने इस चमत्कारी इंदुम्बन मंदिर के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद वे इस मंदिर में गई तथा देवी मां का आशीर्वाद लेकर मंदिर का प्रसाद ग्रहण किया। इस प्रसाद को ग्रहण करने के ठीक 10 माह बाद ही कौशल्या देवी को मां बनने का सुख प्राप्त हुआ।