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पुलवामा हमले के बाद महाकाल ने बदला अपना स्वरुप, देखें तस्वीरें

आपने उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग का नाम सुना ही होगा। वहां पर ज्योतिर्लिंग की भस्म आरती तथा उसका श्रृंगार दुनियाभर में प्रसिद्ध है। लेकिन आज हम आपको जिस महाकाल मंदिर के बारे में यहां जानकारी दे रहें हैं। वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के राजेंद्र नगर में स्थित है। इस मंदिर में भी प्रत्येक सोमवार को महाकाल ज्योतिर्लिंग की तर्ज पर शिवलिंग का श्रृंगार होता आया है। लेकिन इस बार कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर शिवलिंग का श्रृंगार तिरंगे के रंगो से किया गया है। अतुल मिश्रा ने इस श्रृंगार को शहीद हुए सैनिकों की याद में किया है। गिरीश चंद्र ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चार मार्च को होने वाली महाशिव रात्रि की महाआरती भी इस बार शहीद हुए सैनिकों की याद में की जाएगी। 

प्रतीकात्मक

 

लखनऊ का महाकाल मंदिर देश का एकमात्र मंदिर है जहां पर भगवान शिव का श्रृंगार उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग की तर्ज पर किया जाता है। इस मंदिर की ख्याति इसी कारण बहुत कम समय में दूर दूर तक फ़ैल गई है। सावन मास में यहां बाबा की दिव्य भस्म आरती होती है और इसको देखने के लिए आस पास के गावों से भी सैकड़ो लोग जुटते हैं। मंदिर की देखरेख करने वाले कर्मचारी कहते हैं की मंदिर में आरती तथा शिवलिंग के श्रृंगार की सभी सामग्री उज्जैन से ही मंगवाई जाती है। 1960 में इलाके के बुजुर्गो ने ही इस मंदिर की नींव रखी थी। 2010 में इस मंदिर की 50 वीं वर्षगांठ को बहुत धूमधाम से मनाया गया। सन 2002 से लोगों के प्रयास से यहां पर उज्जैन की तर्ज पर भस्म आरती की शुरुआत हुई। पुलवामा हमले के बाद में महाकाल मंदिर के शिवलिंग का श्रृंगार तिरंगे के रंग से किया गया है।