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रिसर्च का खुलासा- अब भगवद्गीता से होगा डायबिटीज इलाज

किसी भी इंसान के शरीर में शुगर की मात्रा यदि बढ़ जाती है तो इस समस्या को शुगर यानि डायबिटीज कहा जाता है। हालही में हैदराबाद के उस्मानिया जनरल अस्पताल के डाक्टरों तथा शोधकार्ताओं ने इस समस्या को दूर करने के लिए एक अलग ही तरीका ढूंढ निकाला है। डाक्टरों की रिसर्च के अनुसार इस समस्या का हल भगवद्गीता है। डाक्टरों का कहना है की श्रीकृष्ण तथा अर्जुन के बीच हुए संवाद को मरीज लोगों की समस्या को दूर करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इसका प्रयोग खासतौर पर डायबिटीज की समस्या के लिए किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का इशारा भगवद्गीता के श्लोकों की और है। जिनमें मानव जीवन की विभिन्न परिस्थितियों की और इशारा किया गया है। 

प्रतीकात्मक

 

आखिर क्या कहती है गीता - 

डाक्टरों के कहा है कि "गीता मानव को नकारात्मक स्थितियों की पहचान कराती है तथा उनसे बचने के लिए सकारात्मक तरीका भी बताती है। गीता में कृष्ण बताते हैं तथा अर्जुन उसका पालन करते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है की शुगर की समस्या आपके लाइफस्टाइल से जुड़ी है। अतः इसके इलाज के लिए यह आवश्यक है की आपकी जीवन शैली में परिवर्तन हो। इन बदलावों में आपको खानपान तथा कसरत जैसी चीजों में भी बदलाव करना होगा। डाक्टरों का कहना है की भगवद्गीता की शिक्षाओं का पालन कर आपको इनका पालन करने में मदद मिलती है। इंडियन जर्नल ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में यह रिसर्च प्रकाशित की गई है। आपको बता दें की इस रिसर्च में देश विदेश के कई डॉक्टर भी शामिल थे। पाकिस्तान के आगा खान विश्वविद्यालय तथा बांग्लादेश के ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टर भी इस रिसर्च में शामिल थे। 

प्रतीकात्मक

 

 

भगवद्गीता की मरीज को आखिर क्या आवश्यकता है - 

इस रिसर्च में शामिल शोधकर्ताओं का कहना है की भगवद्गीता सिर्फ एक धार्मिक पुस्तक नहीं है बल्कि उससे कहीं ज्यादा है। इसके 700 से ज्यादा श्लोक जीवन के हर पक्ष को समझने में आपकी मदद करते हैं। जब व्यक्ति को शुगर की समस्या का पता लगता है तो उसको अक्सर दुःख की भावनाएं घेर लेती हैं। क्यों की उनको अपने जीवन से कुछ चीजों को छोड़ना पड़ता है। ऐसे लोगों को संयम बरतने, जीवन शैली में परिवर्तन करने तथा डॉक्टरी सलाह की आवश्यकता होती है। अतः शुगर की समस्या के लिए भगवद्गीता बहुत लाभकारी होती है।