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बच्चों के IQ लेवल को मैगी से है खतरा, जानें इसके अन्य साइड इफेक्ट्स

मैगी का जिन आजकल फिर बोतल से बाहर गया है। फिर से मैगी बनाने वाली नेस्ले को कोर्ट में जाकर खड़ा होना पड़ा। गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान नेस्ले के वकीलों द्वारा मैगी में लेड होने की बात को स्वीकार किया गया। जिसके बाद न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि, ‘मैगी में लेड डाला ही क्यों जाता है। मैं लेड वाली मैगी को नहीं खाना चाहूंगा। फिर बच्चे ऐसी मैगी को क्यों खाएं?’ साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने नेस्ले पर अनुचित व्यापार तरीके अपनाने, झूठी लेबलिंग और भ्रामक विज्ञापनों को लेकर 640 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

प्रतीकात्मक

क्यों खाएं मैगी?       

अक्सर देखा जाता है जब खाना बनाने का मन ना करे या तेज भूख लगी हो, तो हम मैगी नूडल्स बनाना पसंद करते हैं। लेकिन जाने कब 2 मिनट में बन जाने वाली मैगी, 2 मिनट में आपके स्वास्थ्य को खराब करदे। 'टेस्ट भी हेल्थ भी' टैगलाइन वाली इस मैगी में कई ऐसे तत्व हैं जो हमारी सेहत को बहुत नुकसान पंहुचा सकते हैं। आइए जानते हैं मैगी खाने के कुछ बड़े कारण.

मैगी में सीसा (लेड) रहता है, जोकि एक हानिकारक तत्व है। आमतौर पर इस तत्व का उपयोग पेंट, सौंदर्य उत्पादों और बैटरियों में होता है। लेड से हमारे शारीरिक और मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव पड़ता है। डॉक्टर्स का मानना है कि लेड हमारे शरीर के लिए जानलेवा है। यह किडनी को खराब करने के साथ साथ हमारे तंत्रिका तंत्र को भी नुकसान पहुंचाता है।

यदि छोटे बच्चों के शरीर में लेड की मात्रा थोड़ा अधिक हो जाए तो यह उनके बौद्धिक विकास (IQ लेवल) को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। इससे उनके सामान्य व्यवहार और बोलचाल में भी परिवर्तन जाता है।

अगर वयस्कों के शरीर में लेड मौजूद हो तो ये उनमें बांझपन का कारण बन सकता है।

वहीँ गर्भवती महिलाओं के शरीर में इसकी मात्रा हो तो पेट में पल रहे बच्चे का मानसिक विकास अवरुद्ध हो सकता है।