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अब 'उस्ताद' करेगा रेलवे की जांच, इंजीनियरों को मिलेगी सहायता

प्रतीकात्मक

भारतीय रेलवे में होने वाली मानवीय गलतियों को खत्म कर ट्रेनों को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से मध्य रेलवे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रोबोट तैयार किया है। जिसका नाम 'उस्ताद' रखा गया है। यह रोबोट ट्रेनों के अंडर गियर्स की तस्वीरें खींचकर और वीडियो बनाकर और उन्हें मरम्मत और रखरखाव के लिए इंजीनियरों को भेजेगा।

मध्य रेलवे के प्रवक्ता सुनील उदासी अनुसार, "यह वास्तविक समय में वीडियो और कोच के अंडर-गियर भागों की विडिओग्राफी करेगा, और उन्हें वाईफाई के द्वारा  प्रसारित करेगा। इंजीनियर इन वीडियो को बड़े स्क्रीन पर देख सकते हैं और उन्हें रिकॉर्ड भी कर सकते हैं। इंजीनियरों द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार रोबोट के कैमरे को किसी भी दिशा में घुमाया जा सकता है।" 

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उस्ताद को बनाने में 4 महीने का समय लगा है। इसमें करीब 2 लाख रुपए खर्च हुए हैं। इसमें लगा कैमरा 360 डिग्री होरिजेंटल और 120 डिग्री वर्टिकल में घूम सकेगा। 

उदासी ने बताया कि उस्ताद की मदद से इंजीनियर ऐसे क्षेत्रों को आसानी से देखा और परखा जा सकता है जिन्हें देखना मुश्किल है और जैसे कि अंडर-गियर भागों के बीच तंग या संकरी जगहों पर वे मुश्किल से ही पहुंच पाते हैं।

अधिकारी ने कहा कि रेलवे अब देशभर के सभी जोन में उस्ताद के इस्तेमाल पर विचार कर रही है। हालांकि एक बार इसका बारीकी से परीक्षण हो जाए।