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कंप्यूटर का उपयोग नही करते, लेकिन हैं साइबर सुरक्षा मंत्री

भारत में किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कौन मंत्री कितना जानकार है? स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर है नहीं, या फिर रक्षा मंत्री किसी थल, जल या वायु सेना से संबंध रखता है या नहीं? ऐसा अगर जापान के उस मंत्री के बारे कहा जाए, जो कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं करता है, लेकिन साइबर सुरक्षा मंत्री है, तो आप क्या कहेंगे? यही न,'' ओ माई गॉड!!''

जब किसी मंत्री को कोई मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी जाती है, तो उम्मीद की जाती है कि  वह मंत्री उस विषय के विशेषज्ञ भले ही नहीं हों, लेकिन उसकी बेसिक समझ जरूर रखते होंगे। जापान के साइबर सुरक्षा मंत्री योशिटाका सेकुराडा के बारे में जब इसकी जानकारी हुई तो राजनीतिक गलियारे से लेकर आम नागरिकों के बीच इसकी जबरदस्त चर्चा गर्म होने लगी। एक तरह से उस मंत्री ने अपने देश के लिए तब मुश्किल खड़ी कर दी जब कहा कि उन्होंने तो कभी कंप्यूटर का इस्तेमाल ही नहीं किया है। यह सुनकर विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता मसाटो इमाए ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास ही नहीं होता है कि जिस व्यक्ति को साइबर सुरक्षा देखनी है उसने कंप्यूटर का ही इस्तेमाल नहीं किया।" 

बात साइबर सुरक्षा मंत्री योशिटाका सेकुराडा की है। जापान की समाचार एजेंसी क्योडा में छपी खबर के अनुसार सेकुराडा ने कहा,''क्योंकि मैं जब 25 साल का था तब स्वतंत्र था मैंने अपने स्टाफ और सचिवों को निर्देश दिए हैं। इस कारण मैंने कभी अपनी ज़िंदगी में कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं किया। " पिछले दिनों 60 साल के सेकुराडा को मंत्री बनाया गया और टोक्यो में आयोजित होने वाले 2020 ओलंपिक गेम्स से जुड़ी साइबर सुरक्षा तैयारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई।  

वैसे इसका भरोसा दिलाते हैं कि दूसरे अधिकारियों के पास काफी अनुभव है, जिसकी बदौलत साइबर सुरक्षा में कोई समस्या नहीं आएगी। फिर भी चिंत तब और बढ़ गई जब उन्होंने यह कह दिया कि क्या देश के परमाणु उर्जा केंद्रों में यूएसबी ड्राइव (पेन ड्राइव) का इस्तेमाल होता है।

इसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इस पर हैरानी जताई, तो कुछ ने ये कहते हुए चुटकी ली कि कम से कम योशिटाका को तो हैक किया जाना मुश्किल है।