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ISRO को मिली बड़ी कामयाबी, लांच कि 3423 किलोग्राम वजनी संचार सेटेलाइट।

किसी भारतीय को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी में जुटे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 14 नवंबर को दोहरी कामयाबी हासिल की। वजनी रॉकेट जीएसएलवी एमके2-डी2 से पहली बार 3423 किलोग्राम के सेटेलाइट जीसैट—29 को भेजने में भारतीय वैज्ञानिकों को अद्भुत सफलता मिली। यह कारनामा आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से किया गया। जीसैट-29 एक बहुत ही वजनी कम्युनिकेशन सैटेलाइट है, जिसे अंतरिक्ष तक पहुंचाना कोई साधारण नहीं था। इसके लिए तैयार किए गए राकेट को बाहुबली कहा जा रहा है। इस कारण इसरो को दोहरी कामयाबी मिली है।

इस राकेट की क्षमता को देखकर यह कहा जा सकता है कि भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में निकट भविष्य के अपने सबसे बड़े लक्ष्य का एक अहम पड़ाव पूरा कर लिया है। इसका लाभ 2022 से पहले भारत मिशन 'गगनयान' में सफलता मिलना निश्चत हो गया है। अंतरिक्ष में किसी व्यक्ति को भेजने काम इसी जीएसएलवी मार्क 3 रॉकेट से किया जाना है।  

'जीएसएलवी मार्क 3डी2' का वजन 641 टन है, जो पूरी तरह लोडेड क़रीब पांच बोइंग जंबो जेट के बराबर है। यह अंतरिक्ष में काफ़ी वज़न ले जाने में सक्षम है। इसरो द्वारा इसका दूसरी बार सफल परीक्षण किया गया है। जीएसएलवी मार्क3 रॉकेट की अगली उड़ान 2019 में होनी है, जिसमें यह रॉकेट चंद्रयान2 को लेकर जाएगा। चंद्रयान2 भारत का एक महत्वपूर्ण सैटेलाइट है, जिसमें एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोअर लगा होगा। इसे चांद की सतह पर उतार जाएगा।

संचार सैटेलाइट जीसैट-29 क्या है?

जीसैट-29 एक संचार उपग्रह सैटेलाइट है। इसमें कई प्रायोगिक यंत्र लगाए गए हैं, जिसे  पृथ्वी से 36 हज़ार किलोमीटर ऊपर अपनी कक्षा ( जियो—स्टेशनरी ऑर्बिट ) में स्थापित किया जाएगा। इससे इसका उपयोग केवल भारत के संबंध में ही होगा, लेकिन इसकी बदौलत जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में संचार की सुविधाएं बढ़ेंगी और इंटरनेट मुहैया कराना संभव होगा। इसका मुख्य काम सेटेलाइट आधारित इंटरनेट कम्युनिकेशन  होगा। ख़ास तौर पर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में इसे काफ़ी हद तक इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है।

इसमें लगाए गए कुछ विशेष यंत्रों से संचार के अलावा दूसरे काम भी आएंगे। जैसे इसमें लगे हाई रिजॉल्यूशन कैमरे दिन के समय की लगातार लिया जा सकेगा। दुश्मन देशों के जहाज़ों की संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने में यह ख़ासी मदद करेगा। साथ ही इन कैमरों से मौसम संबंधी जानकारियां भी जुटाई जा सकेंगी। प्रस्तुति: दिनचर्या डेस्क

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