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राफेल डील को लेकर फ्रेंच एयरोस्पेस कंपनी 'दासौ' के सीइओ 'एरिक ट्रैपियर' का बड़ा व्यान: में झूट नहीं बोलता

राफेल डील पर हुए बवाल पर फ्रेंच एयरोस्पेस कंपनी 'दासौल्ट एविएशन' के सीईओ 'एरिक ट्रैपियर' का बड़ा बयान सामने आया है। एरिक ट्रैपियर ने एएनआई की पत्रकार से बात की। पत्रकार से बात करते हुए एरिक ट्रैपियर ने राहुल गाँधी और अन्य काँग्रेस के नेताओं द्वारा राफेल सौदे पर उठाये गए सवालों का जवाब दिया। एरिक ट्रेपियर ने कहा कि "मैं झूठ नहीं बोलता, मैंने पहले जो कहा था वो ही सच है। सीईओ के तौर पर आप झूठ नहीं बोल सकते हैं। 

  एनडीए सरकार पर विपक्ष ने भ्रष्टाचार का आरोप लगते हुए कहा था कि सरकार प्रत्येक विमान को 1670 करोड़ रुपये में खरीद रही है जबकि यूपीए सरकार में यह डील 526 करोड़ रुपये में होने की बात तय हुयी थी। साथ ही विपक्ष का आरोप था कि भारतीय पक्ष ने राफेल का ऑफसेट वर्क रिलायंस को देने के लिए कहा था। लेकिन इस बात को खारिज करते हुए एरिक ट्रैपियर ने कहा कि ‘हमने ऑफसेट के लिए रिलायंस जैसी 30 और कंपनियों के साथ करार किया है। अंबानी को हमने खुद ही चुना था।‘

   विमानों की संख्या और कीमतों पर चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि '36 विमानों की कीमत बिलकुल उतनी ही है जितनी 18 विमानों की कीमत तय की गयी थी। क्योकि यह सौदा सरकार से सरकार के बीच में था इसलिए कीमतें भी उन्होंने ही तय की और मुझे भी कीमत को 9 फीसदी कम करना पड़ा था। हमने अन्य प्रधानमंत्रियों के साथ भी कई सौदे किये हैं, इसलिए हम सरकार के साथ डील करते हैं, किसी पार्टी के साथ नहीं। हम भारत सरकार और भारतीय वायुसेना को स्ट्रेटेजिक उत्पाद सप्लाई करते हैं और यही हमारे लिए सबसे अहम् है।' यही कहते हुए अनेक बातों के साथ एरिक ने सभी विवादों को खारिज किया। ऐसे में एनडीए सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देने में थोड़ी आसानी होगी। 

  आपको बता दें कि राफेल सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 14 नवम्बर को सुनवाई करेगा।