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वज्र और होवित्जर तोपों से और ताकतवर हुई भारतीय सेना

भारतीय सेना की ताकत और मारक क्षमता तब और बढ़ गईं जब इसमें अत्याधुनिक तोप ‘ के-9 वज्र ’ और ‘ एम 777 होवित्जर तोपें’ उसके हथियारों के जखीरे में औपचारिक रूप से शामिल कर ली गईं। इनकी ताकत का प्रदर्शन 9 नवंबर को महाराष्ट्र के देवलाली स्थित सेना के तोपखाना सेंटर की फायरिंग रेज में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे और सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की उपस्थिति में किया गया। 

उसके बाद इन्हें औपचारिक रूप से सेना में शामिल कर लिया गया। एम 777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोप अमेरिका से, जबकि के-9 वज्र तोप दक्षिण कोरिया से खरीदी गई हैं। बाद इन दोनों तोपों को मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत विदेशी कंपनियां भारतीय भागीदार कंपनियांे के साथ मिलकर देश में ही विकसित करेंगी। इन तोपों को मालवाहक विमानों में दूर दराज के दुर्गम क्षेत्रों में ले जाकर तैनात किया जा सकता है।

देश में असेम्बलः रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद के अनुसार सेना को अगले दो वर्षों में क्रमशः 4366 करोड़ रुपए  तथा 5000 करोड़ रुपए की लागत से 100 के-9 और 145 एम-777 होवित्जर तोप मिलेंगी। के-9 की दस तोपें देश में ही असेम्बल की र्गइं हैं, जबकि बाकी 90 यहीं विकसित की जाएंगी। सेना को इस मारक क्षमता की अत्याधुनिक तोप लगभग तीन दशक के बाद मिल रही है।

25 एम 777 तोपों की आपूर्ति भी जल्द की जाएगी, जबकि बाकी 120 को देश में ही असेम्बल करने की योजना है।

के-9 की खासियत: इस तोप की मारक क्षमता 28-30 किमी है जो 30 सेकेंड में 3 गोले दाग सकती है। यह पहली ऐसी तोप है जिसे इंडियन प्राइवेट सेक्टर ने बनाया है। यह तोप तीन मिनट में 15 राउंड की भीषण गोलाबारी कर सकती है और 60 मिनटों में लगातार 60 राउंड की फायरिंग भी कर सकती है।

एम 777 होवित्जर तोप की विशेषता: यह तोप भी 30 किलोमीटर तक मार कर सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हेलीकॉप्टर और प्लेन के माध्यम से मनचाही जगह पर ले जाया जा सकता है।  इस समय इस तोप का इस्तेमाल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की सेना कर रही है।   

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान और चीन की सीमा पर मिल रही चुनौतियों के मद्देनजर इस तोप की जरूरत काफी समय पहले से महसूस की जा रही थी। इससे पहले भारतीय सेना में बोफोर्स तोप को शामिल किया गया था।

तोपों के जबरदस्त प्रदर्शनों के बाद रक्षा मंत्री सीतारमण ने कहा कि हम मजबूती की ओर बढ़ रह हैं। इन तोपें की गूंज दुर्गम पहाड़ियों पर भी सुनी जा सकेंगी। 155 एमएम, एम777 ए2 अल्ट्रा लाइट होवित्जर आधुनिक गन सिस्टम्स वाले तोप की खासियत यह है कि यह आसानी से दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भी तैनात की जा सकेगी।