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दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली वासियों को Signature Bridge के रूप में दिया गया तोहफ़ा, इंजीनियरिंग का है अनोखा नमूना

4 नवम्बर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वज़ीराबाद में स्थित ‘Signature Bridge’ का उद्घाटन किया। इस ब्रिज के रूप में दिल्ली सरकार ने दिल्ली की जनता को एक नया तोहफ़ा दिया है। पुल एक कैंटिलीवर स्पार केबल-स्टॉल पुल है, एक प्रकार का केबल-स्टॉल पुल। यमुना नदी पर बनाया गया यह पुल पूर्वी दिल्ली को वजीराबाद से जोड़ता है। पुल पर कुल 8 लेन हैं, पैदल और साइकिल के लिए अलग अलग लेन है। पुल स्टील और कंक्रीट से बना हुआ है।  सिग्नेचर ब्रिज कुल 675 मीटर (2,215 फीट) लम्बा है और इसकी चौड़ाई 35.2 मीटर (115 फीट) है। साथ ही पुल की ऊंचाई 165 मीटर (541 फीट) है। इस पुल को बनने में 14 साल और करीब 1128 करोड़ रुपये खर्च हुए।

पुल की 154 मीटर ऊंचाई पर एक ग्लास बॉक्स लगा हुआ है जहाँ तक जाने के लिए 4 लिफ्ट लगी हुयी हैं। इस बॉक्स से दिल्ली का top view देखा जा सकता है। इस ग्लास बॉक्स को सेल्फी प्वाइंट के नाम से भी जाना जा रहा है। पुल का डिज़ाइन कुछ इस प्रकार है कि दूर से देखने पर पुल का ये हिस्सा 'नमस्कार' की मुद्रा में दिखाई देता है। माना जा रहा है इसी वजह से पुल को 'सिग्नेचर ब्रिज' का नाम दिया गया। इस पुल के द्वारा वज़ीराबाद के छोटे पुल पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। यातायात की सुविधा के साथ साथ इसे पर्यटन स्थल के नज़रिये से भी देखा जा रहा है। 5 नवम्बर से इस पुल पर आवाजाही शुरू हो चुकी है।

क्या थी वो बड़ी वजह जिससे Signature Bridge बनाने का खयाल आया ?

सन 1997 में वज़ीराबाद के छोटे पुल पर एक स्कूल बस का एक्सीडेंट हो गया था। जिसमे 22 स्कूल के बच्चों की जान चली गयी थी। सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन के दौरान दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष शिषोदिया ने बताया कि इसी घटना के बाद दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री शाहब सिंह वर्मा ने इस छोटे पुल के नजदीक एक बड़ा पुल बनाने की बात कही थी। मनीष शिषोदिया ने कहा कि इस पुल की शुरुवात असल तौर पर सन 1997 में इस घटना के बाद हो गयी थी।

पुल की कुछ और विषम बातें

दिल्ली सरकार को पुल बनाने का विचार तब आया था जब दिल्ली में भाजपा की सरकार थी और मुख्यमंत्री साहब सिंह वर्मा थे। पुल का निर्माण कार्य कांग्रेस की सरकार में शुरू हुआ तब मुख्यमंत्री थी शीला दीक्षित। और पुल का निर्माण कार्य पूरा और पुल का उद्घाटन करने का सौभाग्य मिला आम आदमी पार्टी की सरकार को जिसके मुख्यमंत्री हैं अरविन्द केजरीवाल।