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पेटीएम, फोनपे जैसी कंपनियों के लिए आरबीआई की नई गाइडलाइन

आजकल डिजिटल इंडिया के जमाने में बहुत से लोग हैं, जो पेटीएम, फोनपे, मोबिक्विक जैसी अनेक ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इन ऐप्स के वॉलेट से कई बार यूजर के पैसे गायब हो जाने की शिकायत भी पायी जाती है। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी वो पैसे वापिस नहीं मिल पाते। लोगों की इसी समस्या को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने आगे आकर इन ऐप्स के लिए नई गाइडलाइन शुरू कर दी है।

अब 24 घंटे देनी होगी SMS अलर्ट और कस्टमर सर्विस

आरबीआई की इन नई गाइडलाइंस के मुताबिक सभी मोबाईल वॉलेट यूजर्स को एसएमएस अलर्ट एक्टिव करना अनिवार्य होगा। ऐसे में मोबाइल वॉलेट कंपनियों की भी जिम्मेदारी है कि वह अपने यूजर्स से मोबाइल नंबर और -आईडी लें और उन पर हर ट्रांजेक्शन की जानकारी दें। साथ ही मोबाइल वॉलेट कंपनियों को ग्राहकों के लिए 24 घंटे, 7 दिन ग्राहक सेवा केंद्र की सुविधा देनी होगी, ताकि ग्राहक धोखाधड़ी की स्थिति में किसी भी समय शिकायत कर सके।

प्रतीकात्मक

पैसे की धोखाधड़ी में कंपनी को 3 दिन के अंदर करनी होगी भरपाई

आरबीआई ने इस गाइडलाइन में स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर कंपनियों की किसी प्रकार की लापरवाही से उपभोक्ता के मोबाइल वॉलेट से अवैध लेनदेन होता है, तो जिम्मेदार कम्पनी होगी। इसकी देयता शून्य होगी और भरपाई कंपनी को ही करनी होगी।

यदि किसी कारणवश मोबाइल वॉलेट उपभोक्ता के साथ पैसे की धोखाधड़ी होती है, तो कंपनियों को इसकी भरपाई तीन दिन के अंदर करनी होगी। यदि किसी कारण से यूजर मोबाइल वॉलेट से हुई धोखाधड़ी की शिकायत नहीं भी कर पाता है, तो भी पैसे वापस करने की जिम्मेदारी कंपनियों की होगी। यूजर के मोबाइल वॉलेट से हुई किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकायत का समाधान कंपनियों को 90 दिनों के अंदर करना होगा। साथ ही रिफंड की समस्या का समाधान 10 दिनों के अंदर करना होगा।