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‘फ्री इनकमिंग’ बंद हुई तो 7 करोड़ ग्राहकों ने छोड़ा एयरटेल का साथ

दिसंबर 2018 से एयरटेल ने फ्री इनकमिंग सर्विस बंद और मिनिमम मंथली प्लान शुरू किया था। इसके तहत ग्राहकों को अपने नंबर पर इनकमिंग कॉल्स चालू रखने के लिए कम से कम 35 रुपये का रिचार्ज कराना जरूरी था। इसका नतीजा ये हुआ कि एयरटेल को अपने करोड़ों ग्राहक गंवाने पड़े। हाल ही में एक रिपोर्ट ने दावा किया है कि एयरटेल के इस नए प्लान की वजह से उसके 5 से 7 करोड़ ग्राहक कम हो गए हैं।

होना या ना होना बराबर : एयरटेल

वहीँ इस मामले पर एयरटेल का कहना है कि मिनिमम मंथली प्लान की वजह से अगर ग्राहक छोड़कर जा भी रहे हैं, तो इससे कम्पनी को कोई नुकसान नहीं होगा। कंपनी के मुताबिक जो ग्राहक एयरटेल छोड़ रहे हैं या फिर जिनकी सर्विसेस बंद हो रही हैं, उनके पास लाइफटाइम वैलिडिटी वाला प्लान था। ऐसे में वो एयरटेल को सिर्फ इनकमिंग कॉल्स के लिए यूज़ कर रहे थे, आउटगोइंग के लिए नहीं। ऐसे ग्राहक एयरटेल का नेटवर्क तो इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन कंपनी को किसी तरह का पैसा नहीं दे रहे थे। इसलिए इनका होना या ना होना बराबर है।

प्रतीकात्मक

कंपनी को ही मिलेगा फायदा                 

साथ ही एयरटेल का कहना है कि जो ग्राहक एयरटेल का नेटवर्क फ्री में इस्तेमाल कर रहे थे, अब उनके हटने से नेटवर्क फ्री होगा। फायदा ये होगा कि जो ग्राहक पैसा दे रहे हैं, उन्हें अच्छा नेटवर्क मिल पाएगा। इसके अलावा चूँकि इन ग्राहकों से कंपनी को कोई रेवेन्यू नहीं मिलता, इसलिए ऐसे ग्राहकों के जाने से कंपनी का 'एवरेज रेवेन्यू पर यूजर' (ARPU) भी बढ़ेगा।

क्यों लिया ये फैसला?

आजकल सभी लोग ड्युअल सिम वाले फोन का इस्तेमाल करते हैं। इनमे से एक सिम में तो ग्राहक रिचार्ज करा देते थे, लेकिन दूसरी सिम सिर्फ इनकमिंग कॉल्स के लिए होती थी। दूसरी सिम की अगर वैलिडिटी ख़त्म भी हो रही हो तो ग्राहक मात्र 10 रुपये का रिचार्ज करके उसे जिन्दा रखते थे। इस वजह से कंपनियों का 'एवरेज रेवेन्यू पर यूजर' (ARPU) कम हो रहा था। इसके अलावा सस्ता डेटा और फ्री आउटगोइंग कॉल्स मिलने के कारण ग्राहक अपने नंबर पर रिचार्ज नहीं कराते हैं, जिससे कपनियां रेवेन्यू जेनरेट नहीं पाती। यही कारण था कि टेलीकॉम कंपनियों ने फ्री इनकमिंग बंद और मिनिमम मंथली प्लान शुरू किया।