+

'टाटा फैमिली' से नहीं था खून का रिश्ता - रतन टाटा

प्रतीकात्मक

टाटा ग्रुप को आप जानते ही होंगे। टाटा चाय से लेकर ताज होटल तक, सुई से लेकर स्टील के बड़े सामान तक, नैनो कार से लेकर हवाई जहाज तक, टाटा ग्रुप के अंडर सब कुछ मिलता है। टाटा ग्रुप का नाम भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनियां में मशहूर है। जैगुआर और लैंड रोवर जैसे विदेशी ब्रांड को खरीदने वाला टाटा ग्रुप आज बुलंदियों को छूं रहा है। टाटा के संस्थापक "जमशेद जी टाटा" हैं, लेकिन टाटा ग्रुप को इन ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले शख्स का नाम है "रतन टाटा" 

‘टाटा फैमिली’ से नहीं है खून का रिश्ता

रतन टाटा का पूरा नाम 'रतन नवल टाटा' है। इनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को पिता नवल टाटा और माता सूनू के घर हुआ था। जब रतन टाटा 10 साल के थे तो उनके माता और पिता का तलाक हो गया था। इसके बाद रतन टाटा की दादी ने उनका पालन पोषण किया। बहुत कम लोग जानते हैं, कि रतन टाटा का टाटा फैमिली से खून का रिश्ता नहीं है। इनके पिता नवल टाटा को रतनजी टाटा द्वारा गोद लिया गया था।

अपनी पढाई पूरी करने के बाद रतन टाटा ने 1961 में टाटा समूह के साथ अपना करियर शुरू किया। सन 1991 में जेआरडी टाटा के बाद वे टाटा समूह के पांचवें अध्यक्ष बने। 

प्रतीकात्मक

जब विदेशी कम्पनी ने किया रतन टाटा का अपमान 

टाटा समूह के अध्यक्ष बनने के बाद रतन टाटा ने पूर्ण स्वदेशी पैसेंजर कार बनाने की ठानी। जुलाई 1998 में वे सफल भी रहे और उन्होंने पहली पूर्ण स्वदेशी पैसेंजर कार 'टाटा इंडिका' तैयार की। इस प्रोजेक्ट पर टाटा के बहुत पैसे खर्च हुए। लेकिन ये कार मार्केट में चल नहीं पाई और टाटा मोटर्स घाटे में चली गई। ऐसे में रतन टाटा अपनी कम्पनी को बेचने अमेरिका की जानी मानी विदेशी कम्पनी फोर्ड के पास पहुंच गई। जब रतन टाटा ने फोर्ड के मालिक से अपनी कम्पनी को खरीदने की पेशकश की, तो वह रतन टाटा पर जोरों से हंसने लगा । जो रतन टाटा के दिल को चुभ गया। टाटा तुरंत वहां से वापस आ गए, और मेहनत करने लगे। 

रतन टाटा ने अपनी मेहनत से कुछ सालों में टाटा को इतना ऊपर उठा दिया कि टाटा मोटर्स बहुत अच्छी कमाई करने लग गया। इसी बीच फोर्ड्स घाटे में जा रही थी और 2008 तक कम्पनी की बहुत बुरी हालत हो गई। इसी समय रतन टाटा ने फोर्ड्स के सामने जैगुआर और लैंड रोवर लक्ज़री कारों को 9600 करोड़ रुपये में खरीदने की पेशकश की। फोर्ड्स के तत्कालीन मालिक ने स्वीकार भी कर लिया, जिससे फोर्ड्स दोबारा ले लय में आ सकी। 

प्रतीकात्मक

रतन टाटा के बारे में अन्य महत्वपूर्ण बातें 

• रतन टाटा को सन 2000 में पद्म भूषण और 2008 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया। 

• रतन टाटा ने अपने राज में टाटा ग्रुप की वैल्यू 50 गुना तक बढ़ा दी थी। 

• उन्होंने आम आदमी के कार लेने के सपने को भी 'टाटा नैनो' के ज़रिये पूरा किया। 

• जब 26 नवम्बर 2008 को ताज होटल पर आतंकी हमला हुआ था तो सभी घायलों का इलाज टाटा ने ही करवाया था। साथ ही होटल के आस पास ठेला लगाने वालों की भी मदद की। 

• एक बार एक रिपोर्टर द्वारा रतन टाटा से पूछा गया कि टाटा की इतनी कमाई होने के बावजूद भी आप दुनियां के सबसे अमीर आदमी क्यों नहीं हो? तो जवाब मिला कि मैं एक व्यापारी नहीं, उद्योगपति हूं। अंबानी परिवार का बिजनेस उनके परिवार द्वारा चलाया जा रहा है। जबकि टाटा 'टाटा ट्रस्ट' द्वारा चलाया जाता है। इसकी कमाई में किसी एक व्यक्ति का हिस्सा नहीं होता। टाटा की कमाई का 66% हिस्सा इस ट्रस्ट में ही जाता है।