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प्राइवेट नौकरी करने वालों को मोदी सरकार का तोहफा।

प्राइवेट नौकरी करने बालों को सरकार बड़ा तोहफा दे सकती है। जिसकी बजह से प्राइवेट सेक्टर में जॉब करने बाले करोड़ों लोगों को बड़ा फायदा हो सकता है। असल में केंद्र सरकार ग्रेच्युटी के लिए न्यूनतम सेवा की अवधि घटा कर 3 वर्ष करने की तैयारी कर रही है। इसका मतलब है की यदि आपको किसी कंपनी में कार्य करते समय कम से कम तीन वर्ष हो गए हैं तो आपको ग्रेच्युटी मिलेगी। यहां आपको यह भी बता दें की वर्तमान समय में ग्रेच्युटी की अवधि 5 वर्ष है। 

लेबर मिनिस्ट्री ने मांगी राय - 

आपको बता दें कि लंबे समय से ट्रेड यूनियन प्राइवेट सेक्टर में ग्रेच्युटी कि मांग कर रहें हैं। इनका कहना कि प्राइवेट सेक्टर से नौकरी की अनिश्चतता हर समय बनी रहती है। इसके अलावा कर्मचारी भी जल्दी जल्दी अपनी जॉब को बदलते रहते हैं। इस हिसाब से जो लोग 5 वर्ष पूरा होने से पहले नौकरी छोड़ देते हैं उनकी ग्रेच्युटी की हानि होती है। इस बात को ध्यान में रख कर लेबर मिनिस्ट्री ने इंडस्ट्री से राय मांगी है की ग्रेच्युटी न्यूनतम सेवा 3 वर्ष करने पर क्या फर्क पड़ेगा। 

30 दिन की सैलरी पर तय हो सकेगी ग्रेच्युटी - 

लेबर मिनिस्ट्री ग्रेच्युटी की गणना करनेके तरीकों में भी बदलाव करने के बारे में विचार कर रही है। इस योजना के हिसाब से ग्रेच्युटी की गणना 30 दिन कि सैलरी के हिसाब से ही हो सकेगी। वर्तमान समय में कंपनी द्वारा कार्यकर्ता के 15 दिन की सैलरी पर ग्रेच्युटी की गणना की जाती है। इस प्रकार से देखा जाये तो जो लोग 3 या इससे अधिक समय से किसी कंपनी में काम कर रहें हैं वे ग्रेच्युटी का लाभ आसानी से ले सकते हैं।