+

रहमत शाह मजार, भारतीय बॉर्डर की इस मजार पर मत्था टेकते हैं पाकिस्तानी लोग

भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर यह मजार स्थित है। ख़ास बात यह है कि दोनों ही देशों के लोगों के बीच यह आस्था का केंद्र है। यह पीर बाबा रहमत शाह बाबा कि मजार है ओर प्रत्येक वर्ष इस स्थान पर मेला लगता है। भारत से हजारों लोग यहां मत्था टेकने आते हैं तो पाकिस्तान से भी बड़ी संख्या में लोग बाबा रहमत शाह को सजदा करने के लिए आते हैं। पिछले वर्ष पाकिस्तान से कुछ तीर्थयात्री ट्रेक्टर लेकर बाबा कि मजार पर आये थे। हालांकि दोनों देशों की सख्त पहरेदारी के कारण उनको मजार पर जानें कि अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन लोगों ने पाकिस्तान कि जमीन से ही सजदा कर बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा को अर्पित किया था। कुछ समय वे लोग उस स्थान पर रहें ओर उसके बाद अपने घरों को लौट गए। 

प्रतीकात्मक

 

बाबा रहमत शाह कि मजार पर मत्था टेकने आये गुरविंदर सिंह तथा सुखदेव सिंह बताते हैं कि उनके परदादा ओर दादा बताते थे कि बटवारें के पहले दोनों ओर के लोगों में बाबा के प्रति बहुत श्रद्धा थी। अतः बड़ी संख्या में दोनों ओर के लोग बाबा कि मजार पर आते थे। आम लोगों कि मान्यता है कि इस मजार पर मन्नत मांगने से मनोकामना पूरी होती है। यही कारण है कि बटवारें के इतने वर्षों बाद भी लोगों की आस्था बाबा के प्रति कमजोर नहीं हुई है। आज भी प्रति वर्ष लगने वाले मेले में बाबा कि मजार पर दोनों देशों के लोग आते हैं।