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कहीं मौजूद है अमृत कलश तो कहीं प्रतिमाएं बदलती हैं रूप

आपने आज तक चमत्कार और रहस्य के बहुत से किस्से सुने ही होंगे। लेकिन बहुत से किस्से ऐसे भी होते हैं जिन पर आंख बंद कर विश्वास नहीं किया जा सकता है। आज भी देश दुनिया में कई ऐसे मंदिर हैं। जिनके आगे विज्ञान भी फेल हो चुका है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही मंदिरों के बारे में जानकारी देने जा रहें हैं। जिनके बारे में जानकर आप चमत्कार पर विश्वास करने पर मजबूर हो जाएंगे। 

प्रतीकात्मक

 

गड़ियाघाट मंदिर - 

यह मंदिर मध्य प्रदेश में नलखेड़ा क्षेत्र से 15 किमी दूरी पर स्थित गाड़िया गांव में मौजूद है। इस गांव में एक देवी मां का मंदिर है। ख़ास बात यह है की इस मंदिर में जो दीपक जलता है। वह घी या तेल से नहीं बल्कि पानी से जलता है। वर्षों से यहां का दीपक पानी से ही जलाया जा रहा है। लोग इसको देवी मां का चमत्कार मानते हैं और इस दीपक को देखने के लिए आते हैं। 

प्रतीकात्मक

 

धारी देवी मंदिर - 

धारी देवी मंदिर उत्तराखंड के धारो गांव में स्थित है। माना जाता है की बाढ़ में कालीमठ बह गया ता और उसकी की प्रतिमा इस गांव में वह कर आ गयी थी। लोगों का कहना है की इस गांव में प्रतिमा को स्थापित करने के लिए देवी मां ने स्वयं कहा था। इस मंदिर की ख़ास बात यह है की यहां की प्रतिमा सुवह के समय कन्या, दोपहर के समय युवती तथा शाम के समय बृद्धा का रूप स्वयं ही धारण कर लेती है। यह कैसे होता है इस रहस्य को आज तक कोई नहीं समझ पाया है। 

प्रतीकात्मक

 

कंड़ी सुकुह मंदिर - 

 कंड़ी सुकुह मंदिर मुस्लिम बाहुल्य देश इंडोनेशिया में स्थित है। यह मंदिर जावा आइलैंड के बीच में है। इस मंदिर में एक अमृत कलश है। जिसको आज तक कोई खोल नहीं पाया है। वैज्ञानिक रिसर्च में यह पाया गया है की यह अमृत कलश लाखों वर्ष पुराना है। माना जाता है की यह वही अमृत कलश है जो समुद्र मंथन के समय निकला था। इस कलश के ऊपर एक पारदर्शी शिवलिंग लगा है। मंदिर की दीवारों पर महाभारत से जुड़े प्राचीन चित्र भी बने हुए हैं।