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चित्रकूट - वह खूबसूरत स्थान जहां बनवास में कई वर्ष रहें भगवान श्रीराम

हमारे देश भारत में बहुत से धार्मिक स्थान हैं। इनमें से कई स्थान अपना ख़ास महत्व भी रखते हैं। असल में इन स्थानों का संबंध किसी न किसी विशेष शख्स से रहा है और यही विशेषता ऐसे स्थानों को ख़ास बनाती है। आज आपको यहां एक ऐसे ही स्थान के बारे में हम आपको बता रहें हैं। यह स्थान है चित्रकूट। यह स्थान खुद में एक धार्मिक महत्व भी रखता है क्यों की यह स्थान भगवान श्रीराम का लंबे समय तक निवास स्थान भी रहा है। चित्रकूट इसी कारण एक धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। लेकिन चित्रकूट की प्रकृति तथा यहां का प्राकृतिक सौंदर्य इस स्थान को एक खूबसूरत स्थान भी बनाता है। बड़ी संख्या में लोग इसी खूबसूरत सौंदर्य को देखने के लिए लोग प्रतिवर्ष यहां आते हैं और बहुत लोग धार्मिक स्थान के महत्व के लिए जाने जानें वाले इस स्थान पर यात्रा के लिए आते रहते हैं। 

प्रतीकात्मक

चित्रकूट में आप प्रत्येक मौसम में घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां आपको दूर दूर तक हरियाली तथा रंग बिरंगे फूल दिखाई पड़ते हैं। यहां की प्रकृति में असीम सौंदर्य के दर्शन आपको होते हैं। यहां पर प्रवाहित होती मंदाकिनी नदी आपको प्रभू श्रीराम की याद दिलाती है। यह वही नदी है जिसमें भगवान श्रीराम प्रतिदिन स्थान करते थे। इसी स्थान पर श्रीराम तथा उनके भाई भारत का मिलाप हुआ था। मंदाकिनी नदी के दूसरे तट पर भारत मिलाप मंदिर तथा तुलसी मंदिर बने हुए हैं। इसी स्थान के पास में देवी सीता का जानकी कुंड भी बना हुआ है तथा इसके ही पास में भगवान हनुमान का संकट मोचन मंदिर भी बना हुआ है। इस मंदिर में प्रतिदिन आरती तथा पूजन का कार्य किया जाता है। 

प्रतीकात्मक

कादमगिरी पर्वत चित्रकूट का वह भाग है। जहां भगवान श्रीराम के बनवास का सबसे अधिक समय गुजरा था। इस स्थान पर चित्रकूट दर्शन के लिए आने वाले लोग जरूर आते हैं। मान्यता है कि इस स्थान पर आने से लोगों की मनोकामना पूरी होती हैं। चित्रकूट में एक स्थान का नाम "स्फटिक शिला" भी है। यह वही स्थान है जहां पर भगवान श्रीराम तथा सीता कुछ समय के लिए रुके थे तथा जामवंत ने कौंवे का रूप बनाकर अपनी पहचान को बताया था। इस स्थान पर देवी सीता के चरण चिंह भी बने हुए हैं। चित्रकूट में ही सती अनुसूइयां आश्रम है। सती अनुसूइयां अत्रि ऋषि की पत्नी थीं। इस स्थान पर महिलाओं को सिंदूर का प्रसाद दिया जाता है। मंदाकिनी नदी में स्नान कर महिलाएं इस मंदिर में दर्शन करती हैं। इस प्रकार से देखा जाएं तो चित्रकूट एक धार्मिक स्थान भी है और बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन करने के लिए आते हैं।