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सर्दियों के मौसम में एक बार जरूर जाएं , भारत के इस 'मिनी स्विट्ज़रलैंड' में।

जब कभी भी किसी टूरिस्ट प्लेस की बात होती है तो बहुत सी जगहों का नाम खयाल में आता है। लेकिन जब खासकर उन जगहों की बात हो जहाँ बर्फबारी होती है और जिसे 'धरती का स्वर्ग' कहा जाए तो सबकी जुबां पर 'स्विट्ज़रलैंड' का नाम आता है। स्विट्ज़रलैंड अपनी खूबसूरती के लिए विश्व प्रसिद्ध है। लेकिन अगर हम कहें कि एक 'मिनी स्विट्ज़रलैंड' हमारे इंडिया में भी है। तो क्या आप यकीन करेंगे? 

   यूँ तो भारत में बहुत सी खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं, लेकिन जिस मिनी स्विट्ज़रलैंड की बात हम कर रहे हैं वो हमारी देवभूमी में है। जी हाँ ये मिनी स्विट्ज़रलैंड देवभूमी 'उत्तराखंड' में स्थित है। जिसका नाम है "औली"। औली को 'धरती का स्वर्ग' भी कहा जाय तो गलत नहीं होगा। औली की खूबसूरती देखते ही बनती है। औली उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में स्थित है। वहाँ की गढ़वाली बोली में औली का मतलब होता है "आओ" या फिर आप इंग्लिश में "Welcome" कह सकते हैं। अगर आप सर्दियों में अपने बिस्तर के अंदर, ठण्ड से खुटखुटाने की जगह किसी टूरिस्ट प्लेस पर जाकर बर्फ़बारी का मज़ा लेना चाहते हैं तो 'औली' जाना आपके लिए सबसे अच्छा है। इससे औली की खूबसूरती का मज़ा तो आप ले ही सकेंगे साथ ही जो आपके लिए बोनस है वो है कि औली सबसे बड़े धामों में से एक बद्रीनाथ धाम से केवल 45km यानी की लगभग 1:30 से 2 घंटे दूर है। औली, बद्रीनाथ धाम वाले रुट पर ही पड़ता है। साथ ही केदारनाथ धाम भी बद्रीनाथ से केवल 40 km की दूरी पर ही है। लेकिन आपको बता दें कि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट सर्दियों के समय 6 महीने के लिए बंद हो जाते हैं। चूंकी केदारनाथ धाम के कपाट नवम्बर महीने के शुरुवात तथा बद्रीनाथ धाम के कपाट नवम्बर के आखिरी सप्ताह तक बंद होते हैं इसलिए अगर आपको देवदर्शन के साथ साथ औली की खूबसूरती का मज़ा लेना है तो आपको इस ट्रिप पर नवम्बर महीने तक ही जाना पड़ेगा। लेकिन नवम्बर महीने में बर्फ़बारी की वो खूबसूरती देखने को नहीं मिलती जो जन्नत उसके बाद की सर्दियों में देखने को मिलती है। अक्सर नवम्बर के बाद ही औली में सैलानियों की भीड़ लगती है। तो आइये जानते हैं औली में आप किस किस चीज का लुफ्त उठा सकते हैं। 

स्कीइंग: भारत में बहुत कम स्कीइंग प्वाइंट देखने को मिलते हैं। औली एक स्कीइंग प्वाइंट है। जो इंडिया के केवल तीन स्कीइंग पॉइंट्स में से एक है। ये प्वाइंट 2500 की मीटर ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ पर देश विदेश से स्की एक्सपर्ट और नौसिखिये आते हैं। इस जगह पर नेशनल तथा इंटरनेशनल स्की चैम्पियनशिप भी होती है। यहाँ पर चारों ओर आपको बर्फ ही बर्फ दिखाई देती है जिसे देखकर 'जन्नत' का अनुभव होता है। 

रोपवे(RopeWay): हिमालय पर्वत की बर्फ से ढकी चोटियों के सुन्दर दृश्य के साथ यह रोप वे बहुत मशहूर है। यह रोप वे चमोली के जोशीमठ से औली तक है। 4km की लम्बाई के साथ यह रोप वे एशिया का सबसे लंबा रोप वे है। इसमें सफर करते वक़्त आप को बहुत सुन्दर दृश्य देखने को मिलता है जो आपका मन मोह लेगा। इस रोप वे के दौरान आप औली की पूरी खूबसूरती देख सकते हैं। जब चारोँ तरफ बर्फ ही बर्फ हो तो रोप वे की ऊंचाई से औली का दृश्य बहुत मनमोहक होता है । 

आर्टिफीसियल झील: यह झील औली के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यह औली का एक लोकप्रिय आकर्षण भी है। माना जाता है इस झील में सरकार द्वारा स्की सीज़न बढ़ाने के लिए आर्टिफिसियल बर्फ भी तैयार की जाती है। यहाँ से त्रिशूल पर्वत की चोटी तथा नंदा देवी पर्वत का आकर्षक दृश्य भी देखने को मिलता है। 

त्रिशूल चोटी: चारों तरफ बर्फ से ढकी पहाड़ियां और सूंदर दृश्य वाली त्रिशूल चोटी भी बहुत आकर्षक दृश्य प्रदान करती है। यह चोटी की ऊँचाई समुद्रतल से लगभग 24 हजार फीट है। यह स्थान भी औली के प्रमुख आकर्षण केंद्रों में से एक है। 

ट्रैकिंग: अगर आप ट्रैकिंग के शौक़ीन हैं तो आप को औली जरूर जाना चाहिए। औली में ट्रैकिंग के 4 रुट हैं। जो क्रमशः 4km, 6km, 9km और 12km लम्बे हैं। यहाँ आप ट्रैकिंग कर के अपनी यात्रा के साथ साथ औली की खूबसूरती का आनंद भी ले सकते हैं।

   औली में इस तरह से आप कई प्रकार का आनंद ले सकते हैं। इनके अलावा भी औली में चेनाब झील, क्वानी बुग्याल, नंदा देवी नेशनल पार्क आदि दर्शनीय स्थान हैं। लेकिन अगर बात करें बर्फ़बारी की तो यह ही आपके लिए सबसे अच्छे होंगे। इसके अलावा यहाँ की शांति भी दिल को छू जाती है। यहाँ का शांत माहौल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। हमेशा की तरह इस बार भी औली में बर्फ़बारी शुरू हो चुकी है और पर्यटक औली की ओर निकल चुके हैं। तो आप भी इन सर्दियों में औली घूमने जाइये और वहां का खूबसूरती का आनंद उठाइये।