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कुदरत का करिश्मा

कुदरत का करिश्मा

केवल फूल देखने आते हैं पर्यटक

अजूबा कहानी नीलकुरिंजी नाम के उस फूल की हैजो 12 साल में एक बार खिलता हैजिसे देखने के लिए लोग दूरदूर से खिंचे चले आते हैं। ईश्वर के देश के नाम से मशहूर यह केरल में पाया जाता है।  इस राज्य में सबसे ख़ूबसूरत जगह मुन्नार हैजो समुद्र की सतह से 1600 मीटर ऊपर है.

कॉफ़ी और मसालों की खेती के लिए मशहूर इस जगह में नीलकुरिंजी पाया जाता है। यह दुनिया के दुर्लभ फूलों में से है. इस साल केरल में इस फूल की बहार छाई हुई है।

केरल के लोग इसे कुरिंजी कहते हैंजो ये स्ट्रोबिलेंथस की एक क़िस्म है। इसकी क़रीब 350 फूलों वाली प्रजातियां भारत में ही पाई जाती हैं।

स्ट्रोबिलेंथस की अलग-अलग प्रजातियों के फूलों के खिलने का समय  निर्धारित होता है। कुछ चार साल में खिलते हैंतो कुछ आठदसबारह या सोलह साल में खिलते हैं। हैरत की बात यह है कि ये फूल कब खिलकर ख़त्म हो जाते हैं किसी को पता ही नहीं चलता है। कारण ये फूल ज़्यादातर सड़क किनारे ही खिलते हैं।