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चंदन के प्रयोग से होने वाले चमत्कारिक फायदे

स्किन के लिए चंदन एक अच्छी प्राकृतिक औषधि के रूप में जाना जाता है। आयुर्वेद में चंदन के बहुत से उपाय बताये गए हैं जो स्किन के लिए काफी लाभदायक हैं। चंदन स्किन के दाग-धब्बे, चक्क्तो, मुंहासों से आसानी से छुटकारा दिला डालता है। चंदन के कुछ फायदे होते हैं तो कुछ हानियां भी होती हैं। आज हम आपको दोनों चीजों के बारे में यहां बता रहें हैं। आइये पहले जानते हैं चंदन के लाभ। 

चंदन के लाभ 

 आंखों में फायदा

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चंदन के आयुर्वेद में आंखों के लिए कई लाभ बताये गए हैं। इसके लिए चंदन को पुनर्नवा, नीम, मधु, सतपत्री ादो औषधियों के अर्क के साथ मिलाया जाता है। इस प्रकार से निर्मित औषधि मोतियाबिंद जैसे रोगों में लाभकारी होती हैं।   

अल्सर में फायदेमंद

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चंदन का उपयोग अल्सर रोग में काफी लाभकारी सिद्ध होता है। कई प्रयोगों में यह सिद्ध किया गया है कि चंदन के अर्क का उपयोग अल्सर रोग में फायदेमंद होता है। 

 मांसपेशियों के दर्द में लाभकारी

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चंदन एक इस प्रकार की औषधि है। जो आपकी मांसपेशियों तथा रक्त वाहिनियों को आराम देती है। यदि आप चंदन के तेल का नियमित तौर पर प्रयोग करते हैं तो वह आपकी मांसपेशियों के संकुचन को सही करने में लाभदायक होता है। 

शरीर की दुर्गंध को करता है दूर

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चंदन को कॉस्मेटिक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। चंदन से बनाये गए इत्र आदि शरीर की दुर्गंध को दूर करने में बहुत सहायक होते हैं। 

चंदन की हानियां

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चंदन के जिस प्रकार बहुत से लाभ होते हैं। उसी प्रकार से चंदन की बहुत सी हानियां भी होते हैं। सफ़ेद चंदन को आयुर्वेद में भोजन में लेने का विधान है लेकिन यदि आप 6 हफ्ते से ज्यादा समय तक इसका प्रयोग करते हैं तो यह आपके गुर्दे के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। यदि आप चंदन को मुंह के द्वारा लिया जाता है तो आपको मितली, उल्टी या यूरिन में रक्त आने की समस्या शुरू हो सकती हैं। सफ़ेद चंदन के संपर्क में आने पर कुछ लोगों को एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। इसके अलावा गर्भवती महिला को सफ़ेद चंदन को मुंह के द्वारा लेना हानिकारक होता है। यदि किसी को गुर्दे की समस्या है तो उसको सफ़ेद चंदन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से किडनी की समस्या हो सकती है।