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क्रिकेट के वो बड़े नियम, जो शायद आप नहीं जानते होंगे

फुटबॉल के बाद क्रिकेट दुनियां का सबसे ज्यादा प्रसिद्ध खेल माना जाता है। IPL जैसी अन्य लीग के बाद क्रिकेट की लोकप्रियता दुनियां में काफी तेज़ी से बढ़ रही है। हालाँकि भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी को माना जाता है, फिर भी भारत में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला खेल क्रिकेट है। क्रिकेट को भारत में सबसे ज्यादा देखे और पसंद किए जाने के बाद भी वन्डे क्रिकेट के बहुत से ऐसे नियम हैं जिनके बारे में शायद अनेक क्रिकेट प्रेमियों को नहीं पता होगा। चलिए आपको बताते हैं वन्डे क्रिकेट के कुछ ऐसे ही नियम.

टाइम आउट का नियम: यदि बैटिंग करती हुई टीम का कोई खिलाड़ी आउट होकर या रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाता है, तो नए खिलाड़ी को 3 मिनट के अंदर क्रीज पर आना होता है, या अम्पायर से गार्ड लेना होता है। नहीं तो नए खिलाड़ी को आउट दे दिया जाता है।

अपील नहीं तो आउट नहीं का नियम: यदि बल्लेबाज किसी भी तरह से आउट होता है और फील्डिंग टीम द्वारा अपील नहीं की जाती है, तो बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जा सकता है। ICC के नियम 27 के अनुसार फील्डिंग टीम के खिलाडियों द्वारा अपील जरूरी है। 

मैनकेडिंग का नियम: यदि नॉन स्ट्राइकर-एन्ड पर खड़ा बल्लेबाज, गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले ही रन लेने के लिए भाग जाता है, तो ऐसी स्थिति में बल्लेबाज को रन आउट किया जा सकता है। इस तरह से आउट होने को मैनकेडिंग कहा जाता है। 

 

भाग कर रन लेने का नियम: क्रीज पर मौजूद दोनों बल्लेबाज एक दूसरे के छोरों पर दौड़कर रन बनाते हैं। लेकिन क्रिकेट का चौंकाने वाला 'नियम 18' कहता है कि दोनों बल्लेबाज इस तरह से कई रन भाग सकते हैं, जब तक कि गेंद विकेटकीपर या गेंदबाज के पास न पहुंच जाए, मतलब डेड ना हो जाए। 

रिव्यू लेने का नियम: क्रिकेट में एक नियम होता है 'रिव्यू सिस्टम'। इस नियम के अंतर्गत जो टीम रिव्यू लेना चाहती है, उसे गेंदबाज के गेंद फेंकेने के 15 सेकेंड के अंदर इशारा करना होता है। इसमें रिव्यू लेने वाले खिलाड़ी को दोनों हाथों से 'T का साइन' बनाना होता है। 

बीच मैच में नई गेंद लाने का नियम: यदि किसी मैच के दौरान बॉल खो जाती है, तो नयी बॉल उतनी ही पुरानी होनी चाहिए जितनी पुरानी खोने वाली बॉल थी।