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दुनियां का एकलौता क्रिकेटर, जिसको फांसी पर लटका दिया गया था

दुनियां में ऐसे कई क्रिकेटर हुए हैं। जिनको मैच फिक्सिंग या मारपीट के कारण जेल की हवा खानी पड़ी। लेकिन क्या अपने किसी ऐसे क्रिकेटर का नाम सुना है। जिसको फांसी कि सजा हुई हो। आपको यह जानकर हैरानी जरूर हुई होगी लेकिन यह सच है। आपको बता दें की वेस्ट इंडीज के एक पूर्व क्रिकेटर लेस्ली जॉर्ज हिल्टन को फांसी की सजा सुनाई गई थी। 

पत्नी की बेवफाई से दुखी थे क्रिकेटर लेस्ली - 

क्रिकेटर लेस्ली जॉर्ज एक तेज गेंदबाज थे। उन्होंने 1935 से लेकर 1939 तक वेस्ट इंडीज के लिए 6 टेस्ट मैच खेले थे। 20 अक्तूबर, 1954 को क्रिकेटर लेस्ली जॉर्ज को फांसी की सजा दे दी गई थी, कारण था उनके द्वारा की गई अपनी पत्नी की ह्त्या। माना जाता है की क्रिकेटर लेस्ली जॉर्ज अपनी पत्नी लार्लीन रोज की बेवफाई से काफी दुखी थे और इसी कारण उन्होंने अपनी पत्नी की ह्त्या कर दी थी। 

यह था पूरा मामला - 

क्रिकेटर लेस्ली जॉर्ज 1935 में लार्लीन रोज  से उस समय मिले थे। जब वे अपना डेब्यू मैच खेल रहे थे। इस दौरान दोनों करीब आये और 1942 में दोनों ने विवाह कर लिया। विवाह के 5 वर्ष बाद दोनों का एक बेटा भी हुआ लेकिन 12 वें वर्ष तक दोनों के वैवाहिक जीवन में दरार आ गई। इस बारे में कुछ लोगों का मानना है की लार्लीन कपड़ों का व्यापार करती थी। इसके लिए उनको समय समय पर न्यूयॉर्क जाना पड़ता था। एक बार जब लार्लीन न्यूयॉर्क गई हुई थीं तो क्रिकेटर लेस्ली जॉर्ज को इसी दौरान एक गुमनाम पत्र मिला। जिसमें लार्लीन तथा एक अज्ञात युवक के बीच अबैध संबंधों का जिक्र था। इसके बाद क्रिकेटर लेस्ली गुस्से में आ गए और उन्होंने लार्लीन को न्यूयॉर्क से तुरंत बुलाया तथा इस सम्बन्ध में अपने परिवार को भी बता दिया। लार्लीन ने इस प्रकार के किसी भी संबंध से इंकार कर दिया लेकिन उन्होंने कहा की वह उस युवक को सिर्फ जानती हैं। इसके बाद क्रिकेटर लेस्ली ने पोस्ट ऑफिस से कुछ अन्य पत्र निकलवायें जो लार्लीन को लिखे गए थे। इतना होने पर लार्लीन ने मान लिया कि उसके अबैध संबंध रहे हैं। लार्लीन ने कहा कि क्रिकेटर लेस्ली उनके मेल के नहीं थे और इसी कारण वे हमेशा बीमार रहती थीं। बताया जाता है की लार्लीन की इस बात से क्रिकेटर लेस्ली को इतना ज्यादा गुस्सा आ गया की उन्होंने अपनी बंदूक से लार्लीन के ऊपर ताबड़तोड़ 7 फायर कर डाले। इस कारण लार्लीन की तुरंत मौत हो गई। इसके बाद यह केस कोर्ट में पंहुचा और 20 अक्तूबर, 1954 को क्रिकेटर लेस्ली जॉर्ज को फांसी की सजा सुना दी गई थी।