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गलती से पाकिस्तान गए पति को वापस लाने वाली अनपढ़ पत्नी की कहानी

प्रतीकात्मक

विंग कमांडर अभिनंदन मात्र 58 घंटे बाद पाकिस्तान से सकुशल लौट आए। जिसके बाद पूरे देश में उनका खूब स्वागत किया गया। लेकिन हर किसी की किस्मत इतनी अच्छी नहीं होती। महाराष्ट्र अहमदनगर के भानुदास की किस्मत भी कुछ अच्छी नहीं रही। दरअसल 2010 में भानुदास मानसिक स्वास्थ्य खराब होने के कारण पुणे के एक हॉस्पिटल में भर्ती थे। अचानक वहां से उठकर गुस्से में वो ट्रेन में बैठकर दिल्ली पहुंच गए। इसके बाद वो पुणे लौटना चाहते थे, लेकिन गलती से पुणे की बजाय समझौता एक्सप्रेस में बैठकर लाहौर पहुंच गए। जहां उन्हें लाहौर की पुलिस ने पकड़ा और जासूस समझकर जेल में डाल दिया। इसके बाद उनसे कड़ी पूछताछ की गई।

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इधर परिवार उन्हें जगह-जगह ढूंढता रहा, लेकिन आखिर उन्होंने भी उम्मीद छोड़ दी। फिर एक दिन घर पे एक चिट्ठी आई। चिट्ठी में भानुदास ने लिखा था- मैं पाकिस्तान की जेल में हूं, छुड़ा लो। अगले ही दिन से उनकी अनपढ़ पत्नी ने विधायकों, सांसदों और अफसरों के ऑफिस चक्कर लगाना शुरू कर दिया। इस दौरान पुणे में भारत-पाकिस्तान शांति संबंधों पर काम करने वाली संस्था सरहद की सलाह से उन्होंने जरूरी दस्तावेज बनवाए।

अब वो पाक में एक वकील की तलाश में थे, जो उनके पति का केश लड़ सके। आखिर किसी तरह ब्रिटेन की मानवाधिकार कार्यकर्ता जसबीर कौर उप्पल से उनका संपर्क हुआ। उनकी मदद से लाहौर हाईकोर्ट में भानुदास का मुकदमा शुरू हुआ और अंत में कई पेशियों के बाद 22 माह तक पाकिस्तान में रहे भानुदास घर लौट पाए।