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अमेरिका भारत में छह असैन्य परमाणु संयंत्र बनाने पर राजी, NSG में सदस्यता के लिए देगा सहयोग

भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर असैन्य परमाणु सहयोग के तहत छह परमाणु संयंत्र बनाने के समझौते पर मुहर लगा दी है। इस समझौते के तहत अमेरिका भारत में असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए छह परमाणु संयंत्र बनाएगा। इस के साथ-साथ अमेरिका ने वायदा किया है कि वह NSG में भी भारत को  सदस्यता दिलाने का समर्थन करेगा।

प्रतीकात्मक

 

यह समझौता अमेरिका और भारत के बीच असैन्य परमाणु सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। नौवें में बुधवार को भारत और अमेरिका के बीच हुई रणनीतिक सुरक्षा वार्ता के दौरान एक संयुक्त बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई। संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा, ‘हम द्विपक्षीय सुरक्षा और असैन्य परमाणु कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसमें भारत में छह अमेरिकी परमाणु संयंत्र का निर्माण भी शामिल है।’ भारत के विदेश सचिव विजय गोखले और अमेरिका की उप विदेश मंत्री आंद्रिया थॉम्पसन ने इस संयुक्त बैठक की सह अध्यक्षता की। 

प्रतीकात्मक

 

हालांकि, संयुक्त बयान में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। लेकिन भारत में अमेरिका के इस रुख से तमाम संभावनाएं पैदा होती हैं। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने वैश्विक सुरक्षा, अप्रसार की चुनौतियों समेत विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। साथ ही अमेरिका ने 48 सदस्यीय एनएसजी में भारत को शीघ्र सदस्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई। बताते चलें कि एनएसजी में भारत की सदस्यता की राह में चीन रोड़े अटकाता आया है।