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पीएचडी धारकों के लिए ब्रिटैन जाने का सुनहरा मौका, वीजा मिलने में होगी आसानी

ब्रिटेन ने पीएचडी किए आवेदकों को वीजा देने में हर तरह की रुकावट खत्म करने का फैसला लिया है। ब्रिटेन के इस फैसले का सबसे ज्यादा लाभ भारतीयों को होगा। क्योंकि ब्रिटेन में उच्च शिक्षित लोगों की श्रेणी में सर्वाधिक वीजा भारतीयों को ही मिलते हैं। ब्रिटेन के चांसलर फिलिप हैमोंड ने बुधवार को बजट अपडेट में इस बात की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘इस साल के अंत से उच्च शिक्षित लोगों के ब्रिटेन आने की संख्या कुछ शर्तों के साथ असीमित होगी। वे ब्रिटेन में काम करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।’

प्रतीकात्मक

 

हाउस ऑफ कॉमन्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारी योजना का उद्देश्य ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को बदलने वाली प्रौद्योगिकी क्रांति को समर्थन देना है। इस साल के अंत से पीएचडी-लेवल व्यवसायों को टीयर-2 (सामान्य) की उच्चतम सीमा से छूट दे दी जाएगी और उसी समय सरकार 180 दिन की अनुपस्थिति पर आव्रजन नियमों को अपडेट करेगी। इसका उद्देश्य यह होगा कि ब्रिटेन में बसने के लिए आवेदन करने वाले शोधकर्ताओं को विदेश में फील्डवर्क करने पर दंडित नहीं किया जाए।'

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फैसले पर ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों ने जताई खुशी

ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इससे शिक्षा और शोध का स्तर बेहतर होने की उम्मीद जताई है। ब्रिटेन के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए मुख्य प्रतिनिधि निकाय यूनिवर्सिटीज यूके इंटरनेशनल के निदेशक विविएन स्टर्न ने कहा, ‘यह भारतीय शोधकर्ताओं के लिए शानदार खबर है, जो ब्रिटेन में काम करना चाहते हैं। यह ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों के लिए भी अच्छी खबर है जो दुनिया भर के टॉप माइंड लोगों की विविधता को एक साथ लाने पर जोर देते रहे हैं।’