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करतारपुर का नाम खालिस्तान स्टेशन रखा जाये - पाक रेल मंत्री

अन्तराष्ट्रीय स्तर पर जहां पाकिस्तान आतंकी संस्थाओं पर पर प्रतिबन्ध लगाने का दिखावा कर रहा है वहीं दूसरे तरफ भारत के प्रति लगातार आतंकवादी गतविधियों को बढ़ाबा देने में लगा है। अन्तराष्ट्रीय स्तर के बढ़ते दबाब के बाबजूद भी पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान के  रेलमंत्री शेख राशिद ने भारत और पाकिस्तान के बीच बन रहे करतारपुर कॉरिडोर पर आतंकवाद से प्रेरित बयान देते हुए कहा है कि करतारपुर का बदल कर खालिस्तान रखना चाहिए। 

प्रतीकात्मक

 

 शुक्रवार को पाकिस्तान के  रेलमंत्री शेख राशिद ने एक बार फिर आतंकियों की भाषा बोलते हुए कहा है कि करतारपुर  का नाम खालिस्तान होना चाहिए। पाक रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने एक टीवी चैनल पर दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान करतारपुर कॉरिडोर मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि, 'करतारपुर का नाम खालिस्तान स्टेशन रख देना चाहिए। मैं जिम्मेदार रेइलमंत्री होने के नाते  हूं इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय से बात करुंगा.'

प्रतीकात्मक

 

जैसा की आप जानते है करतारपुर साहिब सिखों का सबसे बड़ा गुरुद्वारा माना जाता है क्योंकि  यही पर सिखों के प्रथम गुरु, गुरुनानक देव जी का निवास स्‍थान था।  गुरू नानक ने अपनी जिंदगी के अंतिम 17 साल 5 महीने 9 दिन यहीं गुजारे थे। कहते है कि  उनके माता-पिता और उनका देहांत भी इसी स्थान पर हुआ था। यही कारण है कि सिखों के लिए यह स्थान बहुत पवित्र है। इसके बाद गुरुनानक देव जी की याद में  यहां एक गुरुद्वारा बनाया गया जिसे आज हम करतारपुर साहिब के नाम से जानते है। यह स्थान लाहौर से लगभग 120 किलोमीटर दूर है जो कि पाकिस्‍तान में पंजाब प्रान्त के  नारोवाल जिले में आता है।