+

आमिर ओर नसरुद्दीन के बाद चर्च को भारत में लगा डर, पीएम को लिखा पत्र

कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को अपने चुनावी घोषणा पत्र में किये गए अल्पसंख्यकों के वायदों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकी किसी को भी राष्ट्रवाद को साबित करने की आवश्यकता न पड़े। राष्ट्रवाद प्रत्येक भारतीय के खून में है चाहे वह व्यक्ति अल्पसंख्यक समाज से हो या बहुसंख्यक समाज से। किसी को भी इस बात पर संदेह नहीं करना चाहिए। राष्ट्रवाद को किसी को साबित करने की आवश्यकता नहीं है। 

प्रतीकात्मक

 

कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस ऑफ इंडिया ने पीएम को भेजे गए अपने संकल्प पत्र में यह बात कही है कि स्वतंत्रता, विकास तथा कल्याण में हम सभी ने सामान योगदान किया है। धार्मिक व्यवहार में अंतर के आधार पर मीडिया की लापहरवाही भोजन की आदत तथा संस्कृति में भिन्नता ने सरकार की विश्वसनीयता को काफी कम किया है तथा अल्पसंख्यकों को असुरक्षित महसूस कराया है। संविधान में अल्पसंख्यक अधिकार बुनियादी रूप से जुड़े हुए हैं। उनको बढ़ावा देकर संरक्षित करना चाहिए। सभी धर्मो के पवित्र दिनों तथा समारोह का आदर करना चाहिए। विभिन्न धर्म देश की संपत्ति हैं ओर उनको संरक्षण देना चाहिए।