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इलाज के लिए डीएम पहुंचे सरकारी अस्पताल, तो डॉक्टर थे चेंबर से गायब

देश में सरकारी अस्पतालों की सेवाएं और स्थिति सभी को पता हैं। पूरे सालभर डॉक्टर सरकारी अस्पताल पर नहीं बल्कि अपने क्लिनिक पर मिलते हैं। सिर्फ तभी वो हॉस्पिटल में मौजूद होते हैं, जब उन्हें अस्पताल में किसी सरकारी अफसर के निरीक्षण पर आने की खबर मिलती है। लेकिन जब सरकारी अधिकारी के अस्पताल पहुंचने पर भी डॉक्टर मिले तो बात बेहद हैरान करने वाली होती है।

प्रतीकात्मक

दरअसल बात ये हुई कि यूपी के मऊ जिले के जिला अधिकारी हॉस्पिटल में निरीक्षण के लिए नहीं, इलाज के लिए पहुंचे थे। जिस कारण डॉक्टरों को भनक लग पाई। अब जिला अधिकारी सरकारी अस्पताल में निरीक्षण की बजाय इलाज के लिए पहुंचेंगे तो डॉक्टरों का वहां मिलना तो स्वाभाविक है।

डीएम ने 20 मिनट तक किया डॉक्टर का इंतजार

शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। इसी दैरान मऊ के जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी भी अपना इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे। उसके बाद जब डीएम सीधे सीएमएस डॉ. बृजकुमार के चेंबर में गए तो वे अपने चेंबर से गायब थे। डीएम पूरे 20 मिनट तक सीएमएस की चेंबर में उनका इंतजार करते रहे, लेकिन वो नहीं आए।

इसके बाद जब किसी स्वास्थ्य कर्मी ने डीएम को अस्पताल में देखा तो सीधे जा कर सीएमएस को बताया। डीएम के मौजूदगी की खबर सुनते ही सीएमएस के साथ-साथ सभी डॉक्टर अपने-अपने चेंबर में उपस्थित हो गए।

सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि डीएम के पैर के अंगूठे में समस्या होने पर वे उपचार के लिए आए हुए थे। उधर, अस्पताल में जिलाधिकरी की मौजूदगी का आलम ये रहा कि डॉक्टर से लेकर आम कर्मचारी तक सभी अपने कामों पर डटे रहे। यह देख कर मरीज भी हैरान हो गए कि अचानक से हॉस्पिटल में यह बदलाव कैसे आया।