+

3000 साल बाद भी सुरक्षित है इस राजा का शव, खोजने वाले हुए श्राप से पीड़ित

मिस्र के पिरामिड और ममी में हमेशा से दुनिया भर की दिलचस्पी रही है। जब भी मिस्र का जिक्र होता है, सबके खयालों में सुनहरे रंग का एक मुखौटा और मिस्र के पिरामिड आने लगता है। यह नीला और सुनहरा मुखौटा प्राचीन मिस्र के राजा तूतेनखामेन का था। तूतेनखामेन का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि वह बड़ा ही प्रतापी राजा रहा होगा। लेकिन लेकिन सच तो या कि वो वह एक बच्चा था।

प्रतीकात्मक

दरअसल, तूतेनखामेन आज से 3000 से भी अधिक साल पहले राजा बना था। तूतेनखामेन की हड्डियां उसके मकबरे में सही सलामत मिली हैं। ये मिस्र का इकलौता ऐसा राजा है, जिसकी हड्डियां और मकबरे का अधिकतर सामान सही-सलामत हालत में मिला है। इसे खोजने में बहुत वक्त लग गया था, क्योंकि तूतेनखामेन का मकबरा दूसरे मकबरे के नीचे छुपा हुआ था। 

प्रतीकात्मक

बताया जाता है जब तूतेनखामेन मिस्र का राजा बना था, तब वो सिर्फ दस साल का बच्चा था और केवल 17 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई थी। तूतेनखामेन प्राचीन मिस्र के 18वें राजवंश का 11वां राजा बना था। साल 1922 में ब्रिटिश पुरातत्वविद होवार्ड कार्टर ने तूतेनखामेन के मकबरे की खोज की थी। इसे 'वैली ऑफ किंग्स' की खोज कहा गया था। तूतेनखामेन इसलिए भी ज्यादा चर्चित है क्योंकि उसकी कब्र लगभग सही सलामत अवस्था में मिली थी। 

बताया जाता है कि जब तूतेनखामेन की कब्र खोदते समय कई लोगों की संदिग्ध मौत के बाद इस मिशन में पैसे लगाने वाले अमीर ब्रिटिश लॉर्ड कार्नारवॉन की भी मच्छर के काटने से मौत हो गई, तो इसे फराओ तूतेनखामेन के श्राप का नतीजा बताया गया।