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रेगिस्तान के नीचे मिली विशाल स्वर्ण नगर, हजारों पर पूर्व हुआ था दफ़न

आपने रावण की सोने की लंका के बारे में बहुत सी बातें पढ़ी या सुनी होंगी। लंका के महज के खंडर आप आज भी श्रीलंका देह में जाकर देख सकते हैं। माना जाय है की लंका का मुख्य भाग समुद्र में समा गया था। कुछ ही समय पूर्व एक ऐसे ही नगर की खोज की गई है। जो लंका की तरह सोने से भरपूर था। लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण यह शहर समुद्र की तलहटी में हजारों वर्ष पूर्व डूब गया था। जिन शोधकर्ताओं ने इस शहर को खोजा है। उनका मानना है की यह प्राचीन खुशहाल शहर अटलांटिस है, जो वर्तमान में सहारा के रेगिस्तान में दफ़न नजर आता है।

प्रतीकात्मक

 

 खुशहाल नगर था अटलांटिस -

आपको बता दें की प्राचीन समय में ग्रीस के महान दार्शनिक प्लूटो ने अपनी किताब में इस शहर का जिक्र किया है। उनके अनुसार यह शहर बेहद खुशहाल था और इसलिए ही इसको दुनिया का स्वर्ग भी कहा जाता था। इस शहर में सोने-चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं की भरमार थी तथा बड़ी संख्या में कीमती पत्थर भी यहां थे। इस शहर के आसपास की जमीन भी बहुत उपजाऊ थी और चारों और हरे भरे मैदान भी थे। शहर में बड़ी संख्या में बाग़-बगीचे तथा पशु थे। इस शहर को पांच भागों में बांटा गया था। इस शहर में कई प्राचीन मंदिर थे जिनमें से बहुत से सोने की धातु से निर्मित किये गए थे। मंदिर के अंदर भगवान की स्वर्ण प्रतिमा तथा बाहर स्वर्ण रथ रखे होते थे।

प्रतीकात्मक

 

 प्राकृतिक आपदा से हुआ था ध्वस्त -

मान्यता है की इस शहर में राजगद्दी को लेकर नरसंहार हुआ था। यह नरसंहार इतना बढ़ गया था की भगवान ने इस नगर को श्राप दे दिया था। मान्यता है की इस श्राप के कारण इस शहर में कई प्राकृतिक आपदाओं ने एक साथ हमला कर दिया था। इस नगर के पास ज्वालामुखी अचानक फट पड़ा और उसके कारण समुद्र का पानी बड़ी मात्रा में शहर में घुस आया। जिसके कारण शहर समुद्र में समा गया। आज भी इस शहर के बारे में वैज्ञानिक लोगों को सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है। वैज्ञानिक आज भी इस शहर को लेकर सिर्फ अंदाजा ही लगाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है की उस समय की स्थिति ऐसी हो सकती है जैसे एक हजार बम एक साथ फट पड़े। ऐसी स्थिति में वहां की सभी चीजों का सफाया हो गया था जिसके कारण आज तक वहां का कोई सबूत नहीं मिल पाया है।