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बर्गर किंग कर्मचारी चुपके से देखता था ग्राहकों का पिन

आज डिजिटल जमाने में लोग जेब में पैसा रखना पसंद नहीं करते। जब कभी भी किसी को शॉपिंग करनी हो या किसी अन्य प्रकार की पेमेंट करनी हो तो वह डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से ही पेमेंट कराना उचित समझते हैं। लेकिन लोग कार्ड से पेमेंट करते वक़्त लापरवाही कर देते हैं, जिसका नतीजा यह होता है कि उनके अकाउंट से फ्रॉड तरीके से पैसे कटते जाते हैं। इसी तरह का एक मामला नोएडा में देखने को मिला। 

प्रतीकात्मक

 

सीसीटीवी से देखता था पिन

दरअसल नोएडा के जीआईपी मॉल में स्थित बर्गर किंग स्टोर से एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया। यह आरोपी ग्राहकों से पेमेंट के लिए कार्ड लेकर उन्हें चूना लगा रहा था। उसने स्टोर के पॉइंट ऑफ सेल यानी पीओएस मशीन में स्कीमिंग डिवाइस लगा रखी थी, जो डेटा चोरी करने वाली एक डिवाइस है। इसमें ग्राहक का डेटा कॉपी हो जाता था, वहीँ स्टोर में लगे सीसीटीवी के जरिए वह ग्राहक द्वारा डाला गया पिन भी देख लेता था। इसके बाद आरोपी यह पूरी डिटेल कार्ड क्लोनिंग रैकेट को बेच देता था। जो कार्ड की पूरी डिटेल मिलने के बाद कार्ड का क्लोन (नकली कार्ड) तैयार कर देते हैं। इस काम के कर्मचारी को हर हफ्ते 10 से 15 हजार रूपए मिलते थे। 

मामला पुलिस के पास पंहुचा तो उन्हें बैंक से पता चला कि अधिकतर शिकायतें जीआईपी मॉल के बर्गर किंग से आ रही हैं। फिर जांच हुई तो पुरा खुलासा हो पाया। वहीँ सायबर एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरह के फ्रॉड तब होते हैं, जब कस्टमर लापरवाही बरतते हैं। सभी को पता होता है कि शॉपिंग मॉल और कॉम्प्लेक्स में सीसीटीवी लगे होते हैं, फिर भी कोई पिन डालते समय सावधान नहीं रहते। यदि पिन एक हाथ से छुपाकर डाला जाए तो सीसीटीवी में पिन रिकॉर्ड नहीं होगा। 

प्रतीकात्मक

 

एटीएम से पैसे निकालते समय ये सावधानी बरतें

इसके अलावा जब कभी आप किसी एटीएम से पैसे निकालते हैं तो भी आपको सावधान रहने की जरुरत होती है। क्योंकि आजकल एटीएम के जरिये कई फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं। इसलिए एटीएम से पैसा निकालते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें-

  1. कभी भी किसी एटीएम से पैसे निकालते हो तो पिन डालते समय एक हाथ से ढक लें। 
  2. हमेशा सिक्योर्ड एरिया में स्थित एटीएम से ही लेनदेन करें, कभी एकांत जगह में लगे एटीएम से पैसे न निकालें। 
  3. कार्ड डालने से पहले एटीएम स्लॉट को चेक कर लें। ध्यान रहे कि स्लॉट के आसपास कहीं गोंद या फेविकॉल तो नहीं लगा है। इसी के जरिए हैकर स्लॉट के साथ स्कीमर सेट करते हैं। 
  4. वहीँ अब बैंक कार्ड को एक्टिवेट और डिएक्टिवेट करने की सुविधा भी दे रहा है। इस सुविधा का लाभ उठाकर जब कार्ड यूज न कर रहे हों, उसे ई-बैंकिंग के जरिए डिएक्टिवेट कर दें।
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