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आरक्षण को लेकर लगातार पांचवे दिन गुर्जर आंदोलन जारी

गुर्जर आंदोलन का असर पांचवे दिन भी देखने को मिला। महज 5 फीसदी आरक्षण के लिए हुआ यह आंदोलन पहले रेल की पटरी पर ही दिखाई पड़ा लेकिन उसके बाद यह हाइवे तक पहुंच गया। सवाई माधोपुर के अलावा यह आंदोलन बूंदी, दौसा तथा झुंझुनूं तक फ़ैल चुका है। इस कारण से आम लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस आंदोलन के कारण मंगलवार को राजस्थान की तीन ट्रेने रद्द की गई तथा 2 ट्रेनों का रूट डायवर्ट करना पड़ा।

प्रतीकात्मक

 

इसके अलावा फरीदाबाद-बल्लभगढ़ स्टेशन से गुजरने वाली तीन ट्रेने भी 13 फरवरी तक रद्द की जा चुकी हैं। ट्रेनों के रद्द होने से लंबी दूरी का सफर करने वाले लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा है। इस आंदोलन के मद्देनजर सवाई माधोपुर जिले में बुधवार तक इंटरनेट बंद कर डाला गया है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला को जिला कलेक्टर ने नोटिस जारी कर दिया है। जिसमें उनसे रेलवे ट्रेक को खाली करने को कहा गया है। आपको बता दें की पिछले सोमवार को 26 ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं तथा 10 से ज्यादा ट्रेनों का मार्ग डायवर्ट करना पड़ा था। बस सेवा पर भी इस आंदोलन का असर पड़ा है।

प्रतीकात्मक

 

जयपुर से आगरा, टोंक तथा सवाई माधोपुर के लिए चलने वाली 200 से ज्यादा वसों का संचालन इस आंदोलन के कारण नहीं हो सका है। इस कारण बस यात्रा करने वाले यात्रियों को भी काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बस सेवा में रूकावट होने के कारण करीब 60 हजार यात्रियों को समस्या हुई है। मानवाधिकार आयोग ने गुर्जर आंदोलन पर कड़ा रुख अपना लिया है। आयोग ने सरकार को निर्देश दिया है की यदि गुर्जर सार्वजानिक संपत्ति या सड़क संपत्ति को हानि पहुचायें तो उनके खिलाफ तुरंत सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।