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RBI का निर्देश - एक और 10 रुपये का सिक्का न लेने वालों पर हो सकती है कार्यवाही

नोटबंदी को 2 साल हो चुके हैं। लेकिन आज भी देश में कई स्थानों पर एक और 10 रुपये का सिक्का लेने से लोग इंकार कर रहें हैं। कहीं एक रुपये वाला छोटा सिक्का नहीं चल रहा है तो कहीं लोग 10 रुपये का सिक्का लेने से इंकार कर रहें हैं। हालांकि सरकार का कहना है की देश में सभी प्रकार के सिक्के वैध हैं। देश की राजधानी दिल्ली से महज 100 किमी दूर रेवाड़ी की ही बात करें तो वहां पर 10 रुपये का सिक्का कोई नहीं लेता है। रेवाड़ी से दिल्ली आये कुलप्रीत को जब डीटीसी कंडेक्टर ने 10 रुपये का सिक्का दिया तो उन्होंने 10 रुपये का सिक्का लेने से इंकार कर दिया। कुलप्रीत का कहना है की उनके क्षेत्र में इस सिक्के को कोई नहीं लेता है अतः वे भी इस सिक्के को नहीं लेंगे।

प्रतीकात्मक

 

कंडक्टर ने कहा यदि वे सिक्के को नहीं लेते है तो उनके विरुद्ध थाने में कंप्लेंट कर दी जायेगी और उन पर कानूनी कार्यवाही होगी। दिल्ली एनसीआर में भी कई स्थानों पर एक रुपये का छोटा सिक्का नहीं चल रहा है। गाजियाबाद में ही कई दुकानदार इस सिक्के को लेने से इंकार कर रहें हैं। कई लोगों का कहना है की एक रुपये का सिक्का न चलने से काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार से छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में भी 10 रुपये का सिक्का नहीं चल पा रहा है। जब की 5 और 2 रुपये का सिक्का लोग आसानी से ले रहें हैं। 

प्रतीकात्मक

 

नोटबंदी से पैदा हुई थी यह स्थिति - 

बैंक अधिकारी कहते हैं की यह स्थिति नोटबंदी से पैदा हुई थी। असल में उस समय बड़ी संख्या में सिक्को को बाजार में उतारा गया था। लेकिन जब सिक्को को वापस बैंक में जमा करने की बारी आई तो बैंक अधिकारी उनको लेने से इंकार करने लगे। बैंक कर्मियों का कहना था की नोटों को तो मशीन से गिना जा सकता है लेकिन हजारों सिक्को को आखिर कैसे गिना जाए। वैसे भी बैंक कर्मियों की किल्लत है। ऐसे में यदि एक ग्राहक के सिक्के गिनने में एक घंटा लगेगा तो बैंक में हजारो लोगों की भीड़ लग जायेगी। रिजर्व बैंक के अधिकारियों का कहना है की सभी सिक्के वैध हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी भी कीमत के सिक्के को लेने से इंकार करता है तो उसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए।