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आरक्षण के बाद सवर्ण लोगों की हुई चांदी, अब मिलेगी कुकिंग गैस तथा पेट्रोल पंप एजेंसी

केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण लोगों को शिक्षा तथा सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। अब सरकार राज्य सरकार के अंतर्गत तेल विपरण कंपनियों के तहत पेट्रोल तथा गैस एजेंसी को भी आवंटित करेगी। इस बारे में सरकारी अधिकारियों का कहना है की ये कंपनियां सरकार की आरक्षण नीति का अनुसरण करेंगी और उसी आधार पर लोगों को एजेंसियां आवंटित करेंगी। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण दीं का प्रस्ताव उचित समय पर शुरू किया जाएगा तथा विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद में जल्दी ही अधिसूचित किया जाएगा। एचपीसीएल के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध संचालक एस रॉय चौधरी ने इस बारे में कहा है कि "ईडब्लूएस श्रेणी के लोगों को आरक्षण देने का कदम अच्छा है। लेकिन सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा की इससे ग्राहक तथा कंपनी को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। कुछ विशेषज्ञों का कहना यह भी है कि कई बार लाभार्थी इस प्रकार की योजनाओं का गलत फायदा उठाते हैं तथा योजनाओं को स्थानीय व्यापारियों को दे देते हैं। 

प्रतीकात्मक

आपको बता दें की वर्तमान में एसटी एससी के लिए इस प्रकार के आवंटन का प्रतिशत 22.5 तथा ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत है वहीँ दूसरी और सामान्य जाति के लोगों के लिए यह 50.5 प्रतिशत है। एलपीजी तथा पेट्रोल पंप एजेंसियों के लिए आवंटन में ओबीसी कोटा की शुरुआत 20 जुलाई, 2012 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने की थी। कुल मिलाकर सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए केंद्र सरकार ने 10 प्रतिशत आरक्षण देने के बाद अब कुकिंग गैस तथा पेट्रोल पंप एजेंसी देने की योजना भी बनाई है। विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद में यह नियम पूरी तरह से लागू हो जाएगा।