+

नेताजी के गनर रह चुके 95 साल के भलेराम का हुआ निधन

कभी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के गनमैन रहे भलेराम कोहाड़ जी का 95 वर्ष की उम्र में ह्रदय गति रुकने से निधन हो गया है। भलेराम हरियाणा हिसार जिले के हसनगढ़ के निवासी थे। परिवार के सदस्यों द्वारा बताया गया कि वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। जिसके बाद बीते दिन उनका निधन हो गया। इसी के साथ हिसार जिले के आखिरी जीवित स्वतंत्रता सेनानी भलेराम कोहाड़ जी की भी मृत्यु हो गयी। उनके बड़े बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। साथ ही पुलिस के 7 जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी भी दी।

आजादी की लड़ाई के दौरान खाई थी घास

 बता दें कि भलेराम कोहाड़ आजाद हिन्द फ़ौज के स्वतंत्रता सेनानी थे। 3 माह तक तो वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के गनर भी रहे थे। उन्होंने आजाद हिन्द फ़ौज के साथ आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था। कोहाड़ अपने जीवन के दिनों में बताते थे कि आजादी की लड़ाई के समय जब वह बारिस के मौसम में जंगलों में रहते थे, तो कई दिनों तक उनके पास राशन नहीं पहुंचता था। तब लगातार एक सप्ताह तक उन्होंने घास उबालकर खायी थी।

प्रतीकात्मक

सवा साल तक जेल में रहे

1945 में पेगू में लड़ाई के दौरान भलेराम जी की नेताजी से आखिरी मुलाकात हुई थी। 16 जून 1945 को भलेराम कोहाड़ को पेगू में गिरफ्तार कर रंगून जेल में भेज दिया गया था। वहां जेल में हर तरफ कीचड़ था और खाने-पीने की भी व्यवस्था नहीं थी। सवा साल तक उस जेल में रहने के बाद जब देश आजाद हुआ तो भलेराम कोहाड़ को भारत भेज दिया गया।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी कर चुके हैं सम्मानित

 स्वतंत्रता सेनानी भलेराम कोहाड़ को भारत के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित भी किया था। अब हसनगढ़ निवासियों ने सरकार से गांव में स्वतंत्रता सेनानियों की याद में शहीद स्मारक अन्य यादगार स्थान बनाने की मांग की है।