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चोर ने लौटाई मंदिर की प्रतिमा, भगवान को पत्र लिख मांगी माफ़ी

चोरी की बहुत सी घटनाएं आपने पढ़ी ही होंगी। चोरी की घटना के बाद में पुलिस चोर को पकड़ने के लिए काफी तेजी से जांच करती है। लेकिन ऐसा कम ही घटनाओं में देखने को मिलता है की चोर को अपनी गलती का अहसास हो और वह चुराई गई वस्तु को खुद ही लौटा दे। हालही में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जब एक चोर ने मंदिर से चोरी गई प्रतिमा को खुद ही लौटा दिया। यह हुआ है मध्य प्रदेश के जिले नरसिंहपुर के खमरिया नामक गांव में। यहां के जैन मंदिर से चोर ने एक अष्टधातु की प्रतिमा को चुरा लिया था लेकिन बाद में उसने वह प्रतिमा मंदिर के दरवाजे पर ही रख दी तथा साथ में एक चिट्ठी भी छोड़ी जिसमें उसने माफ़ी मांगी है। आइये अब आपको विस्तार से बताते हैं इस पूरी घटना के बारे में। 

प्रतीकात्मक

असल में खमरिया गांव के जैन मंदिर से एक अष्ट धातु की 9 इंच की प्रतिमा चोरी हो गई थी। लेकिन अगले ही दिन वह प्रतिमा मंदिर के गेट के पास सुबह 6 बजे स्थानीय लोगों को रखी दिखाई पड़ी। लोगों ने जब इस प्रतिमा को उठाया तो उन्होंने देखा की प्रतिमा के पास में एक चिट्ठी भी है। लोगों ने चिट्ठी को पढ़ा तो पाया की वह चिट्ठी प्रतिमा को चोरी करने वाले चोर ने ही लिखी है तथा चिट्ठी में चोर ने माफ़ी भी मांगी है। इस चिट्ठी में चोर ने माफ़ी मांगते हुए लिखा है कि "किसी तांत्रिक ने उससे कहा था की वह भगवान की प्रतिमा से पैसे निकाल देगा। वास्तव में तांत्रिक प्रतिमा को लेकर भागने की फिराक में था लेकिन मैंने उसको ऐसा नहीं करने दिया और प्रतिमा को मंदिर में दोवारा पंहुचा दिया।" दरअसल इस चोर को किसी तांत्रिक ने यह बताया था की वह जैन मंदिर की प्रतिमा से धन को निकाल सकता है। इस कारण से चोर ने जैन मंदिर से प्रतिमा को चुरा लिया था लेकिन बाद में तांत्रिक की असलियत का पता लगते ही उसको अपने किये पर शर्मिंदगी हुई और चोर ने चिट्ठी लिख कर माफ़ी मांगते हुए रात में चुपके से प्रतिमा को मंदिर के गेट के पास रख दिया था। लोगों में यह घटना काफी चर्चा का केंद्र बन चुकी है। बहुत से लोग चोर की ईमानदारी की तारीफ भी कर रहें हैं।