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महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में PM मोदी से पूछा - क्या यही हैं अच्छे दिन ?

आगरा में एक विवाहित महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला के दो बच्चे भी हैं। महिला ने आत्महत्या करने से पहले 4 पन्नों का एक सुसाइड नोट में भी लिखा है। इस सुसाइड नोट में महिला ने अपने भाई को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया है। अपने सुसाइड नोट में महिला ने अपने दुःख की दास्तान को लिखा है तथा यह भी बताया है की वह आखिर आत्महत्या करने को क्यों मजबूर हुई। अपने लिखे सुसाइड नोट में महिला ने पीएम मोदी से "अच्छे दिनों" के उन वादों के बारे में भी पूछा है जिनका वायदा उन्होंने चुनाव प्रचार में किया था। 

प्रतीकात्मक

घटना उत्तर प्रदेश के आगरा के ताजगंज क्षेत्र से सामने आया है। मृतक महिला ने अपने सुसाइड नोट में अपने भाई को जिम्मेदार ठहराया है। बताया जा रहा है की महिला के भाई ने उसके पति के नाम पर लोन लिया तथा मोबाइल की ईएमआई जमा करने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद में महिला काफी तनाव में थी और अंततः उसने आत्महत्या कर ली। महिला ने अपने सुसाइड नोट में पीएम मोदी को भी अच्छे दिनों के वाडे याद दिलाये हैं। मृतक महिला ने लिखा है कि "मोदी जी क्या यही अच्छे दिन हैं कि हम जैसे लोगों को लोन के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। हम लोगों को कोई लोन नहीं देता। मैंने भी आपके सेंटर से कोर्स किया लेकिन बाद में किसी बैंक ने लोन नहीं दिया। जैसे तैसे किसी प्रकार लोन लेकर दूकान खोली तो अपने लोग ही लूटने के लिए आ गए।" 

प्रतीकात्मक

मृतक महिला का नाम शशि बताया जा रहा है। यह महिला आगरा के ताजगंज क्षेत्र के गांव धांधूपुरा में निवास करती थी। बीते शनिवार को शशि ने आत्महत्या कर ली थी। सुबह जब लोगों ने उसका शव रसोई में लटका देखा तो मोहल्ले में कोहराम मच गया। इसके बाद पुलिस ने जांच की जिसमें महिला का लिखा सुसाइड नोट पुलिस को मिला था। महिला ने सुसाइड नोट में अपने माता-पिता, भाई, देवर तथा देवरानी को ठहराया है। फिलहाल पुलिस ने दुष्प्रेरितकरने का मुकदमा लिख लिया है तथा जांच के बाद आरोपियों पर कार्यवाही की जाएगी।