+

अयोध्या मामले पर फारुख अब्दुल्ला बोले- मंदिर बना तो एक पत्थर मैं भी लगाऊंगा

कई सालों से सुप्रीम कोर्ट में चल रहे अयोध्या की राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 4 जनवरी को फैसला सुनाना था। फैसला सुनाने की घड़ी आयी तो मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने मात्र 60 सेकेण्ड का समय लिया। जब दोनों तरफ से कोई तर्क नहीं दिया गया तो कोर्ट ने सुनवाई 10 जनवरी तक के लिए टाल दी।

प्रतीकात्मक

मंदिर बना तो एक पत्थर मैं भी लगाऊंगा : फारुख अब्दुल्ला

इसके साथ ही राम मंदिर के मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारुख अब्दुल्ला का बयान सामने आया कि इस मामले को दोनों पक्षों में बातचीत करके सुलझा लेना चाहिए और अगर राम मंदिर बने तो वो भी एक पत्थर लगाने जाएंगे। पूरी बातचीत में उन्होंने कहा कि ''भगवान राम से किसी को बैर नहीं होना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए सुलझाने की और बनाने की। जिस दिन ये हो जाएगा मैं भी एक पत्थर लगाने जाऊंगा। जल्दी समाधान होना चाहिए।''

अब अयोध्या जमीन विवाद पर अगली सुनवाई 10 जनवरी तक टली है। 10 जनवरी को यह मामला फिर दो जजों की बेंच के पास जाएगा। जो इसे तीन जजों को हस्तांतरित कर देंगे। फिलहाल अभी इन तीन जजों का गठन नहीं हुआ है। इसी दिन यह भी फैसला होगा कि वह कौन से तीन जज होंगे, जो मामले की सुनवाई करेंगे। साथ ही इस दिन फैसला होगा कि मामले पर आगे नियमित सुनवाई होगी या नहीं।