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उल्टा पड़ा पाकिस्तान का दाव, मजबूत हुआ भारत का पक्ष

प्रतीकात्मक

पाकिस्तान ने कुलभूषण मामले में अपनी मुश्किलें बढ़ा डाली हैं। जिसके कारण भारत का पक्ष मजबूत हो गया तथा भारत को पाकिस्तान को घेरने का मौका मिल चुका है। असल में हुआ यह है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में अतंरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) के फैसले के पक्ष में अपना वोट किया है। भारत जाधव केस को लेकर अतंरराष्ट्रीय न्याय अदालत में गया था और कथित जासूस जाधव को मृत्यु की सजा दिए जानें और राजनायिक पहुंच मुहैया न कराने दिए जानें को चुनौती दी थी। इस केस में भारत की और से 2004 की अवेना और दूसरे मैक्सिकन नागरिकों के केस का हवाला दिया गया था।

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पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र में भारत सहित 68 देशों के साथ एक प्रस्ताव पर अपना वोट दिया था। इस प्रस्ताव में यह कहा गया था कि अवेना फैसले को लागू किया जाए। बस यही कारण है कि अब पाकिस्तान की मुश्किल बढ़ चुकी हैं। इसी वोट के आधार पर अमेरिका के अधिकारी लोगों का कहना है कि "हमारा पाकिस्तान से सवाल है कि यदि वह अवेना के फैसले को लागू करवाना चाहता है तो उसे जाधव मामले में इसी तरह के आईसीजे द्वारा दिए फैसले को लागू करने से क्या रोक रहा है?" आगे यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तान का वोट विवादस्पद है क्यों की उसका कहना है कि जाधव का मामला अदालत से बाहर का है। आईसीजे ने भारत के बारे में अपना फैसला देते हुए यह कहा था कि "पाकिस्तान ने जाधव को राजनायिक पहुंच न देने के कारण विएना संधि  उलंघन किया है। वहीँ दूसरी और पाकिस्तान का कहना है कि जाधव के मामले में विएना संधि लागू नहीं होती है।

प्रतीकात्मक

 

जाधव भारतीय नौसेना का एक व्यक्ति रहा है साथ ही वह रॉ का एजेंट भी रहा है। कुल मिलाकर एक और पाकिस्तान विएना संधि के प्रस्ताव पर भारत सहित 68 देशों के साथ वोट करता है वहीँ जाधव के मामले में वह विएना संधि को लागू नहीं कर पाता है। विएना संधि के प्रस्ताव पर वोट करने के बाद अब पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ चुकी हैं और इसी मुद्दे पर भारत अब पाकिस्तान को घेरने की तैयारी कर चुका है।