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भारत में इन जगहों पर क्यों होती है रावण की पूजा

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भारत अपनी संस्कृति और परम्पराओं के लिए दुनियां भर में जाना जाता है। यहां रहने वाले लोग दीपावली, होली, ईद, क्रिसमस और ऐसे ही कई त्योहारों को खूब उत्साह पूर्वक मनाते हैं। एक ऐसा ही त्योहार 'विजयदशमी' भी है, जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। इसलिए इस दिन को पूरे देश में रावण का दहन करके खूब सत्साह पूर्वक मनाया जाता है। लेकिन भारत में ही कई ऐसी जगहें भी हैं जहां इस दिन रावण की पूजा की जाती है। यहां के लोगों के इसके पीछे अलग-अलग तथ्य तथा मान्यताएं हैं। 

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आइये जानते हैं कुछ ऐसी जगहों के बारे में.

  • मंदसौर, मध्य प्रदेश: माना जाता है कि मंदसौर का असली नाम दशपुर था। यह रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था, इसलिए यहां के लोग दामाद के सम्मान की परंपरा में रावण की पूजा करते हैं। 
  • अमरावती, महाराष्ट्र: अमरावती के गढ़चिरौली स्थान पर आदिवासी समुदाय रावण तथा उसके पुत्र को अपना देवता मानते हैं। इसलिए यहां उनकी पूजा की जाती है। 
  • उज्जैन, मध्य प्रदेश: उज्जैन के चिखली गांव में भी रावण का पूजन किया जाता है। यहां के लोग मानते हैं यदि रावण की पूजा नहीं की, तो गांव जलकर राख हो जाएगा। 
  • बिसरख, उत्तर प्रदेश: यहां के लोगों का मानना है कि बिसरख रावण का ननिहाल था। इसलिए यहां रावण का मंदिर बना हुआ है और रावण की पूजा की जाती है। 
  • कांगड़ा, हिमांचल प्रदेश: कांगड़ा के बैद्नाथ कस्बे में भी रावण की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि रावण ने इस जगह पर तपस्या करके भगवान शिव को खुश किया था। जिससे भगवान शिव ने खुश होकर रावण को मोक्ष का वरदान दिया। 
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  • जोधपुर, राजस्थान: जोधपुर में रावण का मंदिर है। यहां के लोग खुद को रावण का वंशज मानते हैं। 
  • मंडया, कनार्टक: मंडया जिले के मालवल्ली नामक स्थान पर रावण का मंदिर बना है, यहां के लोग रावण को महान शिव भक्त के रूप में पूजते हैं।  
  • दक्षिण भारत: दक्षिण भारत में तो रावण को विशेष रूप से पूजा जाता है। ऐसा माना जाता है, कि रावण परम ज्ञानी पंडित, शिवभक्त था। 
  • जसवंतनगर, उत्तर प्रदेश: जसवंतनगर में दशहरे पर रावण की आरती की जाती है। उसके बाद उसके टुकड़े कर दिए जाते हैं और तेरहवें दिन रावण की तेरहवीं भी की जाती है।
  • काकिनाड, आंध्र प्रदेश: काकिनाड में भगवान शिव के साथ रावण की पूजा की जाती है।