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मिस्र के मकबरे में मिली हिंदू प्रतिमाएं- जानें पूरा सच

दक्षिण भारत के कुछ फेसबुक पेज पर एक हिंदू मंदिर की तस्वीर को काफी शेयर किया जा रहा है। इसके साथ ही यह दावा भी किया जा रहा है कि यह एक प्राचीन हिंदू मंदिर है जो मुस्लिम देश मिस्र में पाया गया है। इस तस्वीर के नीचे यह भी लिखा है की "यह मंदिर मिस्र के मकबरे में मिला है और इसमें बहुत सी प्राचीन हिंदू प्रतिमाएं भी मिली हैं।" कुछ लोगों ने इस तस्वीर को यह लिख कर भी शेयर किया है "दुनियां के किसी भी कोने में खुदाई करने पर हिंदू मंदिर ही मिलते हैं इससे सिद्ध होता है कि प्राचीन समय में दुनियां में सबसे पहले हिंदू धर्म ही था।" गौर से देखने पर यह तस्वीर किसी प्राचीन मंदिर के जैसी ही लगती है और इसमें एक व्यक्ति भी नजर आता है। जो मंदिर के बारे समझाता हुआ नजर आ रहा है। 

प्रतीकात्मक

आखिर क्या है तस्वीर का सच

आपको बता दें की यह तस्वीर मिस्र की राजधानी काहिरा के सक्कारा क्षेत्र के पिरामिड परिसर की है। मिस्र के पुरातत्वविदों ने इस मकबरे की खोज हाल ही में की है। ये लोग बताते हैं कि ये कलाकृतियां 2500 ईसा पूर्व से 2350 ईसा पूर्व के मध्य समय में शासन करने वाली पाँचवे राजवंश के समय की हैं। यहां यह बता दें कि पुरातत्वविदों ने इन कलाकृतियों का किसी भी हिंदू मंदिर या हिंदू धर्म से कोई संबंध नहीं बताया है। 

क्या है मकबरे की सही जानकारी

प्रतीकात्मक

आपको सबसे पहले बता दें की तस्वीर में जिस व्यक्ति को आप देख रहें हैं। उनका नाम "मुस्तफ़ा वाज़ीरी" है। ये मिस्र के संस्कृति मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी हैं। इनका कहना है कि "यह बीते कई दशको में हुई एक अनूठी खोज है। मिस्र में सबसे प्राचीन पिरामिड सक्कारा क्षेत्र में ही पाए जाते हैं। इस मकबरे में जो चित्र बने हुए हैं वे सभी "वाह्त्ये" के हैं जो की इस मकबरे के मालिक तथा पुजारी थे। वाह्त्ये इन तस्वीरों में कभी अपनी मां तो कभी पत्नी के साथ बैठे दिखाई पड़ते हैं। मिस्र के सांस्कृतिक मंत्रालय ने कहा है कि यह प्राचीन मकबरा यहां के एक पुराने कब्रिस्तान में चट्टान के नीचे दवा हुआ था इसलिए ही यह प्राचीन काल से लोगों की नज़रों से महफूज रहा।