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नमाज को नहीं थी जगह तो पुजारी ने खोल दिए मंदिर के दरवाजे

आज के दौर में हम राजनीति को आम लोगों को बांटता पाते हैं वहीँ एक आम आदमी ने नई मिसाल कायम की है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के निकट एक गांव में कुछ मुस्लिम लोगों को नमाज के लिए स्थान नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद में मंदिर के पुजारी ने मुस्लिम लोगों को नमाज पढ़ने के लिए मंदिर परिसर खोल दिया। मंदिर के पुजारी के इस कार्य की तारीफ सभी कर रहें हैं। खासकर गांव के मुस्लिम समुदाय के लोग पुजारी की तारीफ करते नहीं अघा रहें हैं। 

जैसा कि आपको मालुम होगा की अभी बुलंदशहर में इज्तमा का आयोजन हुआ था। इस इज्तमा में जाते समय नमाज का समय होने पर कुछ मुस्लिम लोगों जगह नहीं मिल पा रही थी। उस समय मंदिर के पुजारी ने मंदिर परिसर खोलकर मानवीयता का ऊंचा आदर्श प्रस्तुत किया है। मंदिर में नमाज पढ़ने की तस्वीर भी इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है। इस बारे में लिब्बरहेड़ी गांव निवासी अय्यूब अंसारी कहते हैं कि "वे अपने क्षेत्र के कुछ लोगों के साथ बुलंदशहर के इज्तमा में जा रहे थे। जब ये लोग जैनपुर गांव पहुचें तो इनका ट्रक जाम में फंस गया था। उस समय नमाज का टाइम हो चुका था लिहाजा करीब में मौजूद शिव मंदिर के नजदीक सभी लोग जगह ढूंढने लगे। इस दौरान मंदिर के पुजारी की नजर उन पर पड़ी तो उन्होंने इन लोगों से परेशानी का कारण पूछा। तब इन लोगों ने अपनी बात पुजारी को बता दी। इसके बाद पुजारी ने कहा कि आप लोग परेशान न हों मंदिर परिसर में ही नमाज पढ़े। इसके बाद पुजारी ने ही वजू के लिए पानी भी उपलब्ध कराया। नमाज होने के बाद में पुजारी ने मुस्लिम लोगों को खाने कि वस्तुएं दी तथा पानी भी पिलाया।" इस घटना के बाद अय्यूब अंसारी का कहना है कि जैनपुर के ग्रामीणों ने उनका दिल जीत लिया है। गांव के पुजारी सहित अन्य लोगों ने भी हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल कायम कि है। इज्तमा में जा रहे मुस्लिम लोगों को भोजन पानी उपलब्ध करा कर वहां के लोगों ने मानवता का सर ऊंचा किया है।