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दुनियां की सबसे भारी और बड़ी श्रीमदभगवत, खोलने में लगते हैं 4 व्यक्ति

श्रीमद भगवद गीता हिंदू धर्म ग्रंथ है। यह एक विश्व प्रसिद्ध ग्रंथ हैं। जिससे दुनियां के अनगिनत लोगों ने प्रेरणा पाई है तथा अपने जीवन को सफल किया है। महाभारत के युद्ध से ठीक पहले भगवान् श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिए थे। वही उपदेश श्रीमद भगवद गीता के नाम से प्रसिद्ध हैं। आपने भी अपने जीवन में कभी न कभी भगवद गीता पढ़ी ही होगी लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनियां कि सबसे बड़ी भगवद गीता कहां पर है। आज हम आपको दुनियां की सबसे बड़ी गीता के बारे में ही बता रहें हैं। आइये विस्तार से जानते हैं इस बारे में। 

इटली में है सबसे बड़ी भगवद गीता

 

 

आपको बता दें कि दुनियां की सबसे बड़ी भगवद गीता इटली के मिलान शहर में निर्मित हुई है। अब इसको इटली से भारत लाया जा रहा है। कुछ ही दिन बाद गीता जयंती के अवसर पर इसका विमोचन दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में होगा। विश्व की इस सबसे बड़ी भगवद गीता का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगें। इस मौके पर प्रधानमंत्री के साथ इस्कॉन कुरुक्षेत्र के प्रभारी साक्षी गोपाल दास महाराज तथा इस्कॉन दिल्ली प्रभारी गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज भी रहेंगे। अभी तक यह गीता इटली में ही थी अब इसको भारत में लाया जा रहा है। आपको बता दें की इस गीता का वजन 800 किग्रा है तथा इसमें कुल 670 पेज हैं। इस गीता को संस्कृत भाषा में ही बनाया गया है। इसको निर्मित करने में 2.5 साल का लंबा समय लगा है। 

बहुमूल्य धातुएं से जड़ी है भगवद गीता

 

यह गीता इतनी भारी है इसके आवरण को उठाने में चार लोगों को लगना पड़ता है। इस्कॉन मंदिर (अहमदाबाद) के प्रमुख जशोमतिनंदन दास कहा की इसको बनाने में 2.5 करोड़ रुपये का खर्च आया है। भारत में इस ग्रंथ को दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में रखा जाएगा। परंतु 2020 के बाद इस ग्रंथ को कुरुक्षेत्र में बन रहें श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर में स्थापित किया जायेगा। आपको बता दें कि इस्कॉन के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद के गीता प्रचार के 50 वर्ष पुरे हो चुके हैं और इसलिए ही इस गीता का निर्माण इस्कॉन कि और से कराया गया है। इस महाग्रंथ को सिंथेटिक पेपर से तैयार किया गया है। इस पर कई प्रकार कि बहुमूल्य धातुएं जैसे सोना, प्लैटिनम तथा चांदी लगाईं गई हैं साथ ही इस महाग्रंथ के कवर को गोल्डन धातु से कवर किया गया है।