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दिल्ली मेट्रो के बिगड़ते हालत, यात्रियों को करना पड़ता है घंटों इंतजार

दिल्ली मेट्रो के तीसरे फेज का कार्य ख़त्म होने के बाद यह दुनियां की चौथी सबसे बड़ी मेट्रो ट्रेन बन जाएगी। लेकिन असल में पिछले साल से यह लगातार बदनाम हो रही है। इसक अकारण मेट्रो की तकनीकी खामियां है। मेट्रो कभी भी चलते चलते रुक जाती है। इस कारण बड़ी संख्यां में यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। पिछले दो दिन से भी दिल्ली मेट्रो काफी लेट चल रही है। आपको बता दें कि बुधवार को ब्लू लाइन पर मेट्रो 2 घंटे तक रुक रुक कर या धीमी गति से चली वहीं वृहस्पतिवार को भी सुबह से यही स्थिति बनी रही। इस बारे में मेट्रो प्रवक्ता ने बताया कि "द्वारका से करोल बाग सेक्शन के बीच शाम को तीन बजे के बाद सिग्नल प्रणाली और स्वचालित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली में बार-बार दिक्कत आई जिसके कारण मेट्रो सेवा प्रभावित हुई। सिग्नल प्रणाली के काम नहीं करने से ट्रेनों को मैनुअल प्रणाली से चलाया गया। इससे ट्रेनों की गति धीमी रही और कई ट्रेनों को बार-बार रोक-रोक कर चलाया गया।"

आज शुक्रवार को भी मेट्रो की कार्य प्रणाली में खामी होने से मेट्रो अपने समय से स्टेशन पर नहीं पहुंच पा रही है। नोएडा सेक्टर 18 स्टेशन पर दो मेट्रो ट्रेन के मध्य 20 से 25 मिनट का गैप चल रहा है। पिछले दो दिन से मेट्रो में तकनीकी खामी देर रात रात 10.30 तक बनी रही। इसी कारण द्वारका और वैशाली में हजारों यात्री परेशान रहें। पिछले 24 घंटे में भी मेट्रो कि तकनीकी खराबी सही नहीं हो पाई है। इस कारण वैशाली और नोयडा सिटी सेंटर से चलने वाली ट्रेनों की लोकेशन ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर को नहीं मिल पा रही हैं। इसी समस्या के कारण मेट्रो को मैन्युअल मोड पर चलाया जा रहा है। नोएडा और गाजियाबाद को दिल्ली से जोड़ने वाली सबसे पुरानी ब्लू लाइन पर सिग्नल की समस्या लगातार बनी हुई है। जिसके चलते इस रूट की सभी ट्रेनों को मैन्युअल मोड पर चलाया जा रहा है। फिलहाल DMRC इस समस्या को ख़त्म करने के कार्य में लगी हुई है।