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अमृतसर रेल हादसे से लिया सबक, ट्रैक के किनारे बनेगी 3000 किलोमीटर की दीवार

प्रतीकात्मक

दशहरे के समय रावण दहन के दौरान अमृतसर में पिछले साल हुए हादसे से सबक लेकर  सुरक्षा के नजरिए से भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। रेलवे के सामने ट्रैक की सुरक्षा से लेकर आसपास के जानमाल की सुरक्षा का सवाल बना रहता है। इसे देखते हुए रेलवे ने अपनी ट्रैक पर फेंस लगाने और आवासीय क्षेत्रों के लोगों को रोकने के लिए 3,000 किलोमीटर की दीवार बनाने का निर्माण लिया है। यह फैसला अमृतसर में हुई दुर्घटना के बाद रेलमंत्री पीयूष गोयल ने लिया है।

उल्लेखनीय है कि अमृतसर हादसे में 60 लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा तब हुआ था जब बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने के लिए पटरी पर इकट्ठा हो गए थे। रावण दहन के समय ही आई एक ट्रेन सैंकड़ों लोगों कुचलती हुई निकल गई थी।

दीवार बनाई जाने संबधी परियोजना के संदर्भ में भारतीय रेलवे का अनुमान है कि इसपर 2,500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसे दो तरह की ऊंचाई का बनाया जाएगा। एक उपनगरीय और दूसरा गैर उपनगरीय क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए दीवार बनाई जाएगी।  आवासीय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले रेलवे ट्रैक्स में 2.7 मीटर की ऊंचाई वाली आरसीसी की दीवारे बनाई जाएंगी। इस परियोजना के बारे में रेलवे बोर्ड सदस्य (इंजीनियरिंग) विश्वेश चौबे बताया, ''इन दीवारों से ट्रैक के करीब बसीं बस्तियों के लोग और जानवर आसानी से ट्रैक पर नहीं आ सकेंगे। इसके अलावा इसकी ऊंचाई के कारण ट्रैक पर कूड़ा भी नहीं फेंकना भी आसान नहीं होगा।''

प्रतीकात्मक

इसकी जरूरत को रेलवे सुरक्षा आयोग ने निर्धारित किया है। आयोग के अनुसार 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए रेलवे पटरियों पर फेंस लगाना ठीक होगा। स्पीड बढ़ाई जाने वाली ट्रेन की पटरी की सुरक्षा के लिए दीवार बनाना आवश्यक होगा।

हालांकि दीवार बनाए जाने की योजना अमृतसर की घटना से पहले ही बन चुकी थी।   रेलवे ने समस्या वाले क्षेत्र के तौर पर 2,000 किलोमीटर की दीवारें निर्माण करने की योजना बनाई थी। इसके लिए 2018-19 के बजट में 650 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि भी निर्धारित की गई थी। 

प्रस्तुति: दिनचर्या

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