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कम होती रहेंगी पेट्रोल और डीजल की कीमतें

प्रतीकात्मक

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड आॅयल की कीमतों में गिरावट आने का लाभ मिलता रहेगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और कमी आ सकती है। कारण इसकी कीमत 3 अक्टूबर को 86 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 72 डॉलर प्रति बैरल गयी थी। इस वजह से 17 अक्टूबर से 9 नवंबर आते—आते पेट्रोल का दाम करीब 5 रुपये प्रति लीटर घट गया। जबकि डीजल करीब 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ। 

यह कहें कि घरेलू बाजार में इंधन और सस्ता हो सकता है, क्योंकि इंटरनैशनल मार्केट में कच्चे तेल का दाम पिछले तीन हफ्ते में तेजी से घटा है। दरअसल, विदेशी बाजारों में क्रूड का भाव 72 डॉलर प्रति बैरल से कम हो गया है, जबकि रुपये में स्थिरता बनी हुई है।  लिखे जाने के दिन दिल्ली में पेट्रोल 78.06 रुपये और डीजल 72.74 रुपये प्रति लीटर थी, जबकि मुंबई में डीजल 76.22 रुपये और पेट्रोल 83.57 रुपये का एक लीटर रहा।

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यूं तय होती है कीमत

उल्लेखनीय है कि 90% से ज्यादा इंधन खुदरा बाजार पर कब्जे वाली सरकारी ऑयल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की दर प्रति दिन एक पखवाड़े पहले इंटरनैशनल मार्केट में चल रहे क्रूड के रेट और करंसी मूवमेंट के हिसाब से तय करती हैं। इस हिसाब से इंटरनैशनल मार्केट में क्रूड सस्ता होने से भारत में लगभग पंद्रह दिनों तक इंधन सस्ता मिलेगा।  दूसरी तरफ ईरान पर अमेरिका की आयात पाबंदी में भारत और सात अन्य देशों को ढील दिए जाने से कमोडिटी मार्केट को राहत मिली है।

सरकार की पहल 

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने फ्यूल रिटेलिंग लाइसेंसिंग रूल्स को उदार बनाने की सिफारिश देने के लिए पिछले महीने पांच मेंबर वाली एक एक्सपर्ट कमिटी बनाई थी। मिनिस्ट्री के नोटिस के मुताबिक,'कमिटी की पहली मीटिंग दो नवंबर को हुई थी। इस संदर्भ में कमिटी  ने विभिन्न पक्षों एवं आम जनता की राय और सुझाव मांगी है। 

प्रतीकात्मक

अभी देश में फ्यूल रिटेलिंग लाइसेंस पाने के लिए कंपनियों को हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और प्रॉडक्शन, रिफाइनिंग, पाइपलाइन या एलएनजी टर्मिनल में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करना पड़ता है। समिति के गठन के लिए मंत्रालय की तरफ से जारी एक अन्य ऑर्डर के मुताबिक, एक्सपर्ट कमिटी से पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल की मार्केटिंग के ऑथराइजेशन के लिए तय मौजूदा गाइडलाइंस लागू करने से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए कहा गया है।