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दिवाली के बाद बेहद ज़हरीली हुई हवा, खूब उड़ा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मज़ाक।

दिवाली के बाद बेहद ज़हरीली हुई हवा, खूब उड़ा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मज़ाक।

दिल्ली में बढ़ते प्रदुषण को देखकर सब परेशान हैं। प्रदुषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से कुछ दिन पहले कुछ आदेश जारी किये थे। जिससे दिवाली में पटाखे फूटने पर भी दिल्ली का प्रदूषण स्तर अधिक ना हो। लेकिन दिवाली के एक दिन बाद गुरूवार को दिल्ली के प्रदूषण स्तर को देखते हुए ये कतई नहीं कहा जा सकता कि दिल्ली वालों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया। दिल्ली के कुछ इलाकों में तो एयर क्वालिटी इंडेक्स 1000 के पास पहुँच गया है। जो की हवा के प्रदूषण के खतरनाक स्तर को भी पार कर चुका है। आपको बता दें कि Good Air Category का एयर क्वालिटी इंडेक्स 0-50 के बीच में होना चाहिए। इस बात से आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि दिल्ली की हवा कितनी खतरनाक हो चुकी है। नियम का उलंघन करते देख पुलिस ने अलग अलग जगह से 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया।

    कुछ इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स

सुप्रीम कोर्ट के नियम के दायरे को पार करते हुए बुधवार की दिवाली की रात को भी खूब पटाखे फूटे, तो गुरूवार की सुबह को हवा में धुंध की मोटी चादर देखने को मिली। बेहद ज़हरीली गैस वाली इस हवा में सांस लेना बहुत मुश्किल हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के नियम के उलंघन की वजह से दिल्ली में कुछ इलाकों का 'एयर क्वालिटी इंडेक्स' बेहद खतरनाक स्तिथि पर पहुँच चुका है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के अनुसार गुरुवार सुबह को आनंद विहार में प्रदूषण का स्तर 999 रहा। साथ ही मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में भी एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 999 ही रहा। अमेरिकी राजदूतावास और चाणक्यपुरी में एयर क्वालिटी इंडेक्स 459 दर्ज किया गया। प्रदूषण का यह स्तर खतरनाक श्रेणी में आता है।

नहीं दिखे ग्रीन पटाखे

सुप्रीम कोर्ट के नियम के अनुसार इस दिवाली पर ग्रीन पटाखे फोड़े जाने थे जहाँ ज्यादा हानिकारक पटाखों का कम से कम उपयोग होना था। लेकिन दिवाली के दिन भी दुकानों में ग्रीन पटाखे देखने को नहीं मिले। यहाँ तक की दुकानदारों को तो अभी ग्रीन पटाखों के बारे में पता भी नहीं था। जिससे अन्य पटाखों को ही बेचा गया और फोड़ा गया।