+

ठग्स ऑफ़ वर्ल्ड - ताजमहल से लेकर एफिल टॉवर को बेच डाला

आपने ठगी के बहुत से मामले सुने ही होंगे। दुनियां में बहुत तरह के ठग होते हैं। इनमें से कुछ छोटे तो कुछ बड़े भी हैं। आज हम आपको दुनियां के कुछ ऐसे बड़े ठगों से यहां रूबरू करा रहें हैं। जिन्होंने न सिर्फ दूसरों की बल्कि सरकारी सम्पत्तियों को भी अपनी बता कर बेच दिया था। आइये जानते हैं इन लोगों के बारे में। 

जॉर्ज सी पार्कर

प्रतीकात्मक

यह दुनियां के बड़े दिमाग वाले ठगों में से एक था। अमेरिका के निवासी इस ठग ने अमेरिका की ही कई सरकारी बिल्डिंगों को बेच डाला था। आपको जानकर हैरानी होगी की इस व्यक्ति ने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लेकर मेडिसन स्क्वॉयर गार्डन जैसी कई इमारतों को बेचकर लोगों को चूना लगा दिया था। ख़ास बात यह थी की यह हर बार पुलिस को चकमा देकर भाग जाता था। बाद में जब इसको पकड़ा गया तो इसको कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई और जेल में ही इसकी मृत्यु हो गई थी। 

मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव

प्रतीकात्मक

इस व्यक्ति को "नटवरलाल" कहा जाता है। अभिनेता अमिताभ बच्चा की फिल्म नटवरलाल इसी व्यक्ति के ऊपर आधारित है। इस व्यक्ति ने अपने जीवन में लाल किला, ताजमहल तथा संसद भवन जैसी सरकारी इमारतों को बेच कर अपना एक अलग ही रिकार्ड बना डाला था। यह व्यक्ति कई बार पुलिस के हाथ लगा लेकिन हर बार पुलिस को चकमा देकर चंपत हो जाता था। आखरी बार इस व्यक्ति को 1996 में देखा गया था उसके बाद इस व्यक्ति का कुछ पता नहीं चला। 

विक्टर

प्रतीकात्मक

इस व्यक्ति का जन्म चेकोस्लोवाकिया 1890 में हुआ था। इस व्यक्ति को दुनियां का सबसे बड़े ठग का दर्जा दिया जाता है। इस व्यक्ति ने अपने समय में विश्व प्रसिद्ध एफिल टॉवर को बेच डाला था। इसके अलावा इसने एक अन्य व्यक्ति को नोट छापने की नकली मशीन भी बेच डाली थी। जीवन के आखरी दिनों में इसको अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया था जहां जेल में  व्यक्ति की मौत हो गई थी। 

 क्रिस्टोफर

प्रतीकात्मक

यह व्यक्ति है प्रोफ़ाइल ठगी के लिए जाता है। इसने पेरिस में नकली कागज बनवा कर एक प्रॉपर्टी को 14 लाख डॉलर बेच डाला था। माना जाता है क्रिस्टोफर ने अपने पूरे जीवन में 4 हजार डॉलर से ज्यादा पैसे की ठगी की थी। बाद में इसको गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन कोर्ट ने इसको 90 लाख डॉलर के मुचलके पर महज 5 वर्ष की सजा ही सुनाई थी।