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क्या है इस तस्वीर का सच

हमारे देश में विनम्रता को संस्कृति में बड़ा हिस्सा मिला है। कभी भी किसी से मिलो तो किस प्रकार मिलो। इसके अपने अलग अलग तरीकें हैं। कहीं नमस्ते की जाती है तो कहीं सलाम किया जाता है। किसी किसी स्थान पर पैर छूने की रिवायत है। यह सब बताने का कारण हैं पीएम नरेंद्र मोदी। असल में उनकी दो तस्वीरें आजकल खूब वायरल हो रही हैं। एक तस्वीर में वे एक शेख के पैर छूते दिखाई पद रहें हैं तो दूसरी में एक मुस्लिम नेता के। इनमें से एक तस्वीर को शेयर करने वाले एक लड़के को हालही में गिरफ्तार किया गया है। तब से ये तस्वीरें और चर्चा में आ गई हैं। लेकिन लोगों के जहन में सवाल अब भी वही है कि आखिर सच क्या है। इसी सच को बताने के लिए हमने यह पोस्ट आपके लिए लिखी है। 

आखिर क्या सच - 

सबसे पहले उस तस्वीर के बारे में बताते हैं। जिसमे नरेंद्र मोदी को सऊदी अरब के सुलतान के पैर छूते दिखाया गया है। असल में यह तस्वीर आज की नहीं है और न ही यह वायरल हो रही है। यह तस्वीर 2015 की है और इसका निर्माण दो तस्वीरों को जोड़कर किया गया है। आइये जानते हैं की सऊदी के सुल्तान की तस्वीर को कहां से लिया गया है। 

इस तस्वीर में सऊदी अरब के सुल्तान सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ के साथ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ हैं। नवाज उस समय तीन दिन की अधिकारिक यात्रा पर सऊदी पर गए थे। उस समय सऊदी किंग नवाज को रिसीव करने के लिए एयरपोर्ट पर गए थे। इस तस्वीर से सऊदी किंग वाला हिस्सा क्रॉप करके एक दूसरी तस्वीर पर लगाया गया है। यह है वह दूसरी तस्वीर। 

ये तस्वीर 2013 की है। उस समय भोपाल में बीजेपी की एक रैली हुई थी। जिसमें लाल कृष्ण आडवाणी सहित नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह तथा अन्य बड़े नेता भी शरीख हुए थे। यह वह समय था जब लाल कृष्ण आडवाणी की नरेंद्र मोदी से नाराजगी खुल कर सबके सामने आ गई थी। मंच पर जब नरेंद्र मोदी ने आडवाणी के पैर छुए तो उन्होंने ने नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद नहीं दिया था। इस तस्वीर में से ही लाल कृष्ण आडवाणी का हिस्सा क्रॉप करके सऊदी अरब की तस्वीर को जोड़ दिया गया और नई तस्वीर बना डाली। 

ओवैसी वाली तस्वीर का सच - 

इसमें भी वही खेल किया गया जो ऊपर हमने आपको बताया है। आडवाणी वाली तस्वीर में से उनकी तस्वीर को निकाल कर वहां ओवैसी की तस्वीर को जोड़ दिया गया है। अब आप इन तीनों तस्वीरों को एक साथ देखिये। पीछे का बैकग्राउंड एक ही है। यहां तक की नरेंद्र मोदी के हाथ और पैरों के बीच में रखा गुलदस्ता और पानी की बोतलें भी एक ही हैं। अब आप समझे की असल खेल क्या हुआ है। 

शेयर करने पर हो सकती है सजा - 

इस प्रकार की तस्वीरों को हल्का मत लीजिये। आपको बता दें की कर्नाटक के कोप्पल में रहने वाले 25 साल के मोहम्मद महबूब ने ऐसी तस्वीर को फेसबुक पर शेयर कर दिया था। जब इन तस्वीरों पर बीजेपी के नेताओं की नजर पड़ी तो उन्होंने पुलिस में इस बात की खबर दी। पुलिस ने एक्शन लिया और महबूब पर इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 153 ए के तहर केस दर्ज कर दिया गया और उसको जेल भेज दिया गया। जरुरी नहीं की आप खुद गलती करके ही सीखें, दूसरों की गलती से भी सीख सकते हैं। इस प्रकार की फर्जी ख़बरों से बचे रहें और ऐसी तस्वीरों को शेयर न करें।