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भारत के सबसे डरावने स्थान, जानकर डर जाते हैं लोग

आपने अक्सर भटकती आत्माओं के बारे में तरह तरह की बातें सुनी या पढ़ी ही होंगी। अक्सर लोग कहते हैं विज्ञान इन चीजों को नहीं मानता है। लेकिन वास्तविकता यह है की विज्ञान भी आत्मा के अस्तित्व को कुछ हद तक मानता है। अक्सर लोग अपने आसपास इस प्रकार की चीजों को भटकते महसूस करते हैं। इसी क्रम में आज हम आपको कुछ ऐसे स्थानों के बारे में बता रहें हैं। जो अपने ही देश में हैं लेकिन ये स्थान वेहद डरावने हैं और यहां आने वाले लोगों को अपने आसपास कुछ अस्तित्वहीन चीजों का अनुभव मिलता है। 

1 - उग्रसेन की बावली - 

भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली प्राचीन काल आपने अक्सर भटकती आत्माओं के बारे में तरह तरह की बातें सुनी या पढ़ी ही होंगी। अक्सर लोग कहते हैं विज्ञान इन चीजों को नहीं मानता है। लेकिन वास्तविकता यह है की विज्ञान भी आत्मा के अस्तित्व को कुछ हद तक मानता है। अक्सर लोग अपने आसपास इस प्रकार की चीजों को भटकते महसूस करते हैं। इसी क्रम में आज हम आपको कुछ ऐसे स्थानों के बारे में बता रहें हैं। जो अपने ही देश में हैं लेकिन ये स्थान वेहद डरावने हैं और यहां आने वाले लोगों को अपने आसपास कुछ अस्तित्वहीन चीजों का अनुभव मिलता है।  से राजाओं का आकर्षण रही है। यहां पर कई ऐसी पुरानी इमारतें हैं। जो अपने आप में न सिर्फ प्राचीन इतिहास को समेटे हुए हैं बल्कि इनको भुताह भी कहा जाता है। इन्ही स्थानोंमें से एक है "उग्रसेन की बावली", माना जाता है इसके पानी में एक अजीब सा आकर्षण था। जो यहां लोगों को पानी में डूब कर मरने को मजबूर करती थी। 

2 - शनिवारवाड़ा - 

यह एक महल था, जो मराठाओं के द्वारा बनवाया गया था। इस महल उस समय को पेशवाओं को उपहार में दिया गया था। 1756 में यह महल बन कर तैयार हुआ था। इस महल में एक डर भी समाया हुआ है। असल में इस महल के अंदर 13 वर्ष के पेशवा राजकुमार का क़त्ल किया गया था। माना जाता है कि इस महल में रात को आज भी उस राजकुमार की चीखें सुनाई देती हैं और पूर्णिमा की रात को यह आवाज और भी साफ़ सुनाई देती है। 

3 - टनल नंबर 33 - 

टनल नंबर 33 हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्थित है। यह 1143.61 मीटर लंबी है, जो की कालका-शिमला के रास्ते पर बरोग रेलवे स्टेशन के पास में ही है। इस टनल के सामने ही ब्रटिश रेलवे इंजीनियर कर्नल बरोग ने आत्महत्या की थी। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है की इस टनल के आसपास आज भी किसी व्यक्ति के करहाने की आवाज आती है। लोगों की मान्यता यह भी है कि इस स्थान पर कर्नल बरोग की आत्मा को आज भी महसूस किया जा सकता है लेकिन वह किसी को हानि नहीं पहुंचाती है।